पंजशीर पर तालिबान के कब्जे का दावा: सालेह बोले- लड़ाई अभी जारी

तालिबान अफगानिस्तान में सरकार बनाने जा रही है. कहा जा रहा है कि वो आज यानी शनिवार को सरकार का ऐलान करेगी. इस बीच तालिबान ने पंजशीर पर भी कब्जा करने का दावा किया है. हालांकि, पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने तालिबान के दावे को खारिज कर कहा है कि लड़ाई अभी जारी है. वहीं, तालिबान का कहना है कि उसने विपक्षी बलों के 11 चौकियों के साथ शुतुल जिले के केंद्र पर कब्जा कर लिया है.पंजशीर पर तालिबान के कब्जे का दावा न्यूज एजेंसी ने कट्टर संगठन के सूत्रों के हवाले से किया है. तीन तालिबानी सूत्रों ने बताया कि अब तालिबान का पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा है. जिसमें पंजशीर भी शामिल है.

टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के एक सदस्य इनामुल्ला समांगानी ने कहा कि जारी संघर्ष में विपक्षी बलों के 34 सदस्य मारे गए. तालिबान ने ऑनलाइन एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि उनकी सेना शुतुल जिले में आगे बढ़ गई है.

समांगानी ने कहा, पिछली रात के अभियान पंजशीर के शुतुल जिले में आज सुबह हुई झड़पों में विपरीत दिशा में भारी संख्या में लोग मारे गए हैं. हालांकि, अहमद मसूद के प्रति वफादार बलों ने आंकड़ों को खारिज कर दिया दावा किया कि तालिबान को भारी नुकसान हुआ है.

विपक्षी मोर्चे के एक प्रवक्ता फहीम दशती ने कहा कि पिछले चार दिनों में हुई झड़पों में 350 तालिबानी मारे गए कम से कम 290 अन्य घायल हो गए. तालिबान ने इन आंकड़ों को खारिज किया है.

दशती ने कहा, कल रात तालिबान ने जबल सिराज पहाड़ों के रास्ते शुतुल जिले में घुसने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उनके प्रयास विफल रहे, उनके शव युद्ध के मैदान में रह गए वे केवल 40 शव अपने साथ ले गए.

एक विश्लेषक ने कहा कि इस तरह की झड़पों से किसी भी पक्ष को कोई फायदा नहीं होगा तालिबान मसूद के तहत बलों के बीच बातचीत फिर से शुरू करने की जरूरत है. एरियाना न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पंजशीर प्रांत के प्रवेश द्वार गुलबहार में गुरुवार को तालिबान प्रतिरोधी बलों के बीच झड़पें हुईं दोनों पक्षों ने भारी हल्के हथियारों का इस्तेमाल किया.

दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर झड़प उकसाने का आरोप लगाया. प्रतिरोधी गुट ने कहा कि तालिबान ने संघर्ष शुरू किया. प्रतिरोध आंदोलन के प्रवक्ता फहीम दशती ने कहा, दुश्मन ने पंजशीर प्रांत में अंदराब मार्ग से दो बार हमला किया उन्हें भारी नुकसान हुआ.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button