पाई-पाई के लिए भीख मांगेगा तालिबान, World Bank नहीं देगा फूटी कौड़ी

वॉशिंगटन: तालिबान (Taliban) ने भले ही अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जा कर लिया हो, लेकिन सरकार चलाना उसके लिए आसान नहीं होगा. क्योंकि अमेरिका (America) सहित कई देश उसे आर्थिक रूप से कंगाल करना चाहते हैं. इस बीच, अब विश्व बैंक (World Bank) ने भी बड़ी कार्रवाई की है. विश्व बैंक ने अफगानिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगा दी है.

स्थिति पर है World Bank की नजर

विश्व बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि अफगानिस्तान (Afghanistan) के हालात, खासतौर पर महिला अधिकारों की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. प्रवक्ता ने कहा कि फिलहाल वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने सभी तरह की आर्थिक मदद पर रोक लगा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. बता दें कि अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

US नहीं देगा फूटी कौड़ी

इससे पहले, अमेरिका ने बीते हफ्ते ऐलान किया था कि वो अपने देश में मौजूद अफगानिस्तान के सोने और मुद्राभंडार को तालिबान के कब्जे में नहीं जाने देगा. जानकारी के मुताबिक, अकेले अमेरिका में ही अफगानिस्तान की करीब 706 अरब रुपये की संपत्ति है. ऐसे में यूएस का यह कदम तालिबान के लिए बड़ा झटका है. वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF भी अफगानिस्तान की आर्थिक मदद रोक चुका है. साथ ही आईएमएफ ने तालिबान के अफगानिस्तान में अपने संसाधनों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है.

IMF ने भी ब्लॉक किया एक्सेस

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 460 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 46 करोड़ डॉलर (3416.43 करोड़ रुपये) के आपातकालीन रिजर्व तक अफगानिस्तान की पहुंच को ब्लॉक करने की घोषणा की थी, क्योंकि देश पर तालिबान के नियंत्रण ने अफगानिस्तान के भविष्य के लिए अनिश्चितता पैदा कर दी है. गौरतलब है कि विश्व बैंक के मौजूदा समय में अफगानिस्तान के अंदर दो दर्जन से ज्यादा प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं. बैंक की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, साल 2002 से लेकर अब तक विश्व बैंक की तरफ से अफगानिस्तान को 5.3 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है.

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