पाकिस्तान और चीन से बोला अमेरिका, आतंकियों को पनाह और मदद देना बंद करें

चिदानंद राजघट्टा, वॉशिंगटन। पुलवामा आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान और उसके सदाबहार मित्र चीन को नसीहत दी है। ट्रंप प्रशासन ने दोनों देशों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने को कहा है।

अमेरिकी सरकार ने साफ कहा है कि आतंकियों को पनाह न दी जाए और उनका किसी तरह से सहयोग भी न किया जाए। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पुलवामा आतंकी हमले को ‘खौफनाक हालात’ बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा होगा कि वे (भारत और पाकिस्तान) मिलकर रहें।

वैसे तो अमेरिका ने अपने विदेश विभाग के जरिए सभी देशों से आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह और सहयोग न देने को कहा है, पर यह कदम स्पष्ट रूप से इस्लामाबाद और पेइचिंग को ध्यान में रखकर उठाया गया। दरअसल, पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकियों की शरणस्थली बन चुका है और चीन लगातार अपने इस दोस्त (पाक) पर पड़ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के खिलाफ वीटो का इस्तेमाल करता आ रहा है।

भारत के साथ अमेरिका

पुलवामा आतंकी हमले में CRPF के 40 जवानों की मौत के बाद पिछले हफ्ते वाइट हाउस ने कहा था कि वह सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है। पुलवामा हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से फोन पर बात भी की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि हमले के बाद भारत जो भी जवाबी कार्रवाई करता है, अमेरिका उसके साथ है।

चीन की मंशा

आपको बता दें कि पाकिस्तान जैश के सरगना मसूद अजहर को संरक्षण देता है और चीन उसे संयुक्त राष्ट्र के जरिए वैश्विक आतंकी घोषित करने के भारत के प्रयासों में अंड़गा लगाता रहा है। दरअसल, इसके पीछे चीन की दो मंशा हो सकती है। पहला, पेइचिंग ने चीन-पाक आर्थिक गलियारे के जरिए वहां भारी-भरकम निवेश कर रखा है। दूसरा, वह मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ने से रोकना चाहता है। हालांकि अपने इस रवैये से चीन भारत को भी परेशान कर रहा है।

वाइट हाउस जल्द ही आंतकवाद को लेकर एक विस्तृत बयान जारी करने वाला है। पुलवामा हमले के बाद पूछे गए एक सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, ‘वह एक भयानक हालात था … मैंने इस मामले पर रिपोर्ट देखी है…सही समय पर टिप्पणी करेंगे।’

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ट्रंप ने वाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि आत्मघाती हमले से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है और बेहतर होगा कि दोनों एशियाई देश मिलकर रहें। विदेश विभाग के उप-प्रवक्ता रॉबर्ट पलाडिनो ने भी कहा कि हम भारत के साथ हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘हमले की जांच में हम पाकिस्तान से पूर्ण सहयोग करने का आग्रह करते हैं और उन लोगों को सजा दी जाए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।’

इस बीच भारत और पाकिस्तान के लोग सोशल मीडिया पर एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। तस्वीरें और विडियो शेयर करते हुए पाकिस्तान की तरफ से लोग लिख रहे हैं कि सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान दोनों देशों में गए लेकिन दिल्ली में उन्होंने पुलवामा हमले की सीधे तौर पर निंदा नहीं की। वहीं, भारत के लोग सोशल मीडिया पर सऊदी प्रिंस की ‘जी हुजूरी’ करने की बात करते हुए पाकिस्तान का मजाक उड़ा रहे हैं।

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