कावेरी जल मुद्दे पर विपक्ष का आज तमिलनाडु बंद

चेन्नई : कावेरी प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) का गठन करने की मांग को लेकर तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन थमता नजर नहीं आ रहा है। आज विपक्षी पार्टियों ने बंद का आह्वान किया है। सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। सभी प्रमुख बाजारें बंद हैं।

चेन्नई समेत कोयंबटूर, त्रिची सभी जगह बंद का असर दिख रहा है। विपक्ष के इस बंद से सबसे ज्यादा यात्री परेशान हो रहे हैं क्योंकि बसें भी नहीं चल रही हैं। डीएमके पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर सीएमबी का गठन करने से विफल रहने का आरोप लगाया है।

द्रमुक और उसके सहयोगियों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तमिलनाडु आने पर काला झंडा दिखाने की चेतावनी दी है। द्रमुक नेता एम. के. स्टालिन ने संवाददाताओं से कहा कि सत्ताधारी अन्नाद्रमुक के नेता सोए हुए हैं और उनको जगाना संभव नहीं है। स्टालिन ने कहा कि गुरुवार को सर्वदलीय बैठक होगी जिसमें यह तय होगा कि कौन-कौन कावेरी डेल्टा से राजभवन मार्च में शामिल होंगे।

इससे पहले बुधवार को द्रमुक कार्यकर्ताओं ने चेन्नई में कोयंबेडू में चेन्नई मेट्रो रेल को बाधित करने की कोशिश की लेकिन उन्हें हिरासत में ले लिया गया। अन्य प्रदर्शकारियों ने पेरांबुर में उपनगरीय ट्रेन को रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी चेन्नई और चेगलपट्ट को जोड़ने वाले राजमार्ग पर आकर बैठ गए और केंद्र व तमिलनाडु सरकारों के खिलाफ जोर-जोर से नारे लगाने लगे, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

सर्वोच्च न्यायालय ने 16 फरवरी को कावेरी जल में तमिलनाडु का हिस्सा घटाकर 177.25 अरब घनफुट (टीएमसी) कर दिया है जो 2007 में अभिकरण की ओर आवंटित 192 अरब घनफुट से कम है। कर्नाटक का हिस्सा 14.75 अरब घनफुट बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार के 16 फरवरी के आदेश के छह सप्ताह के भीतर सीएमबी का गठन करने से विफल रही और इसकी समय सीमा 29 मार्च को ही समाप्त हो गई।

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