तामिलनाडु एसबीआई लोन घोटाला: 6 महीने में 15 कर्जदारों की मौत, 1 लापता

किसानों को सरकारी पेंशन दिलाने के बहाने लोन के कागजात पर उनके ले लिए थे हस्ताक्षर

चेन्नई। तमिलनाडु में स्टेट बैंक आॅफ इंडिया की शाखाओं में हुए 60 करोड़ रुपए के घोटोले के मामले में जिन किसानों के नाम पर बैंक से लोन लिया गया, उन किसानों में से 15 किसानों की पिछले 6 माह में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। इसके साथ ही एक व्यक्ति लापता हो गया है। लेकिन पुलिस द्वारा अभी इस संबंध में कोई जांच शुरू नहीं की गई है। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि मृतक लोगों के नाम पर बैंक लोन चल रहे थे।

एक अंग्रेजी अखबार ने बीते दिनों अपनी एक खबर में खुलासा किया था कि तमिलनाडु में दो लोगों ने विरुद्धुनगर और थेनी जिलों में स्थित बैंक शाखाओं से फर्जी तरीके से 60 करोड़ रुपए का लोन लिया था।

खबर के अनुसार, इस घोटाले के मास्टरमाइंड ओएमएस वेलमुरुगन और उसका भतीजा आर. शेनबागन हैं। आरोपियों ने कई किसानों को सरकारी पेंशन दिलाने के बहाने लोन के कागजात पर उनके हस्ताक्षर ले लिए। इसके बाद इन कागजातों के आधार पर एसबीआई की शाखाओं से करीब 60 करोड़ रुपए निकाल लिए।

लोन की यह रकम किसानों के टेम्पररी बैंक खातों में डालवायी गई थी, जहां से आरोपियों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। इस घोटाले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब बैंक ने किसानों को ऋण भुगतान के लिए नोटिस भेजना शुरू कर दिया।

नागामुत्तु नाम का व्यक्ति बैंक द्वारा ऋण भुगतान का नोटिस भेजे जाने के बाद से ही लापता बताया जा रहा है। वहीं एसबीआई का कहना है कि उसने 169 किसानों को बाजार उपज पर लोन दिए थे। ये लोन 25 लाख से लेकर 40 लाख तक की रकम के थे।

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