तेंदूपत्ता घोटाला मामले में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

बिलासपुर: तेंदूपत्ता संग्रहण के टेंडर में गड़बड़ी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा के डिवीजन बैंच में मंगलवार फिर सुनवाई हुई। शासन, याचिकाकर्ताओं और ठेकेदारों तीनों की ओर से बहस पूरी हो गई है। तीनों पक्षों के तरफ से बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने मामले के फैसले को सुरक्षित रख लिया है। अब तेंदूपत्ता टेंडर के मामले में कभी भी बड़ा फैसला आ सकता है।

बता दें कि याचिकाकर्ता संत कुमार नेताम ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने पिछले साल की तुलना में 51 फीसदी कम कीमत में तेंदूपत्ता संग्रहण का ठेका दिया है। ऐसा करने से प्रदेश भर के 10 लाख तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले किसानों को करीबन 300 करोड़ का नुकसान होने वाला है।

साथ ही आदिवासी किसानों को मेहनताना, बोनस और शासन से मिलने वाली अन्य बुनियादी सुविधाओं में भारी कमी आएगी। प्रदेश के 170 ठेकेदारों ने तेंदूपत्ता के लिए टेंडर डाला है। आरोप है कि दूसरों की अपेक्षा काफी कम के टेंडर डालने वाले ठेकेदारों को टेंडर दे दिया गया है। इसी कारण इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।

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