संत विद्यासागर महाराज की तप एवं संयम अद्भूत एवं अतुलनीय : मंत्री पाण्डे

राजनांदगांव : प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पांडे ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की त्याग तपस्या एवं संयम अत्यंत कठिन होने के साथ-साथ अद्भूत एवं अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की 50 साल की तपस्या सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिए है। मंत्री श्री पाण्डे जिले की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ स्थल पर प्रसिद्ध दिगम्बर जैन संत आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के दीक्षा ग्रहण करके 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित संयम स्वर्ण महोत्सव के दूसरे दिन आज 29 जून को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफन, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती सरोजनी बंजारे, पूर्व विधायक श्री विनोद खाण्डेकर, डॉ. सुधा मलैय्या, प्रख्यात लेखक श्री उज्ज्वल पटानी विशेष रूप से उपस्थित थे।
मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के दीक्षा ग्रहण करने के 50 वर्ष पूर्ण पर होने डोंगरगढ़ में संयम स्वर्ण महोत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को साधू, संतों एवं ऋषी मुनियों की पावन कर्मभूमि बताया। श्री पाण्डे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में श्रृंगी ऋषी एवं महाप्रभु वल्भाचार्य जैसे अनेक साधू संत हुए है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की पुण्य भूमि में संत, महात्माओं की व्यक्तित्व एवं कृतित्व की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी रही है। जिस अंहिसा परमोधर्म: की बुनियाद पर पूरी दुनिया टिकी हुई है, उसकी जन्मदात्री भी यह भारत भूमि है। उन्होंने आचार्य श्री विद्यासागर की त्याग एवं संयम के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि संयम शब्द अपने आप में काफी व्यापक एवं महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गृहस्थ के लिए संयम का होना अत्यंत आवश्यक है। किसी वस्तु का दोहन की जाय किन्तु शोषण नहीं होना चाहिए। यही भारतीय संस्कृति का मूल आधार है। उन्होंने उपस्थित लोगों को संयम आधारित जीवन पद्धति को अपनाकर अपने जीवन को उत्कृष्ट बनाने की अपील की। श्री पाण्डे ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने हेतु विचार करने की भी बात कही। इस दौरान मंत्री श्री पाण्डे ने मंच में उपस्थित जैन संतों एवं आचार्यों के बीच पहुंचकर उनका आशीर्वाद भी लिया।
संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना ने कहा कि संयम एवं त्याग पूर्ण जीवन बड़ा कठिन होता है। लेकिन आचार्य श्री विद्यासागर जैसे संत महात्माओं ने मानवता के कल्याण के लिए संयम एवं त्याग, तपस्या के कठिन मार्ग को आत्मसात किया है। उन्होंने उपस्थित लोगों को आज के इस घोर भौतिक वादी युग में भी संयमित जीवन का परित्याग नहीं करने की अपील की। कार्यक्रम को प्रख्यात लेखन श्री उज्ज्वल पटानी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मंत्री श्री पाण्डे, संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना सहित अतिथियों ने चन्द्रगिरी पर्वत पहुंचकर आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का दर्शन कर राज्य के सुख समृद्धि के लिए आशीर्वाद भी लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन संतों एवं आचार्य भी उपस्थित थे। इस दौरान जनपद अध्यक्ष डोंगरगढ़ श्रीमती किरण साहू, श्री पवन जैन, श्री जीवन बंजारे के अलावा अपर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एडिशनल एसपी श्री प्रफुल्ल ठाकुर, एसडीएम श्री मारकण्डे सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जैन धर्म के लोग तथा श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

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