छत्तीसगढ़

सभी आंगनबाडिय़ों को संस्कार अभियान के अंतर्गत लाने लाने का लक्ष्य

राजनांदगांव  : ये किसी प्ले स्कूल से ज्यादा सुंदर लगता है। दीवारों पर पंचतंत्र की कहानियाँ, जिसमें तालाब के सूखने पर कछुये को हंसों द्वारा मानसरोवर ले जाने जैसी कहानियाँ अंकित की गई हैं । नीचे हिंदी वर्णमाला और गिनती।  इसके दूसरी ओर अंग्रेजी वर्णमाला। बच्चे  यहाँ प्लेस्कूल सा अनुभव कर रहे हैं। यह दृश्य है कोकपुर सेक्टर की  आंगनबाड़ी जंतर क्रमांक-1 का। संस्कार अभियान के अंतर्गत इस तरह की 163  आंगनबाडिय़ाँ चल रही हैं। आंगनबाड़ी के अंदर की दुनिया बच्चों के लिए जादूई है। दीवार पंचतंत्र और हितोपदेश की कहानियों से सजे हैं। बच्चे  प्ले स्कूल सरीखे खिलौनों से खेल रहे हैं। इनके लिए अलग से प्ले कार्नर बनाया गया है।  कलेक्टर श्री भीम सिंह के निर्देश पर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके संबंध में जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा ने बताया कि कलेक्टर महोदय के मार्गदर्शन में आंगनबाडिय़ों में बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने एवं वातावरण अधिक मनोरंजक बनाने की दिशा में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें बच्चों को प्ले स्कूल की तरह ही स्कूलिंग के लिए तैयार किया जा रहा है। चूँकि शुरूआती पाँच साल बच्चे के विकास में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और इस समय बच्चों में कल्पना शक्ति जगाई जाए तो इसके  बेहतर परिणाम होते हैं।  इसे ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी को सुंदर चित्रों से सजाया गया है। पंचतंत्र की अलग-अलग कहानियों का आंगनबाड़ी की दीवारों में चित्रण किया गया है। पंचतंत्र की कहानियां भारतीय परंपरा में सबसे लोकप्रिय  कहानियाँ हैं अतएव यह बच्चों को आकर्षित भी करती हैं।  संस्कार अभियान को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ईसीसीई ( प्रारंभिक बाल्यावस्था की देखरेख एवं शिक्षा) के तहत चलाया जा रहा है इसके अंतर्गत आकर्षक प्रिंटरीच वातावरण तैयार किया गया है। खास बात यह है कि संस्कार अभियान में शिक्षण सामग्री के निर्माण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी फ ीडबैक लिए गए हैं क्योंकि बच्चों के साथ लंबे समय से काम करने से वे बच्चों के मनोविज्ञान को बेहतर ढंग से समझती हैं।  कलेक्टर श्री भीम सिंह नियमित रूप से संस्कार अभियान के क्रियान्वयन की मानीटरिंग कर रहे हैं। अभियान को आने वाले समय में जिले की सभी आंगनबाडियों में आरंभ कर दिया जाएगा। संस्कार अभियान ऐसा कार्यक्रम है इसमें गर्भवती माता के गर्भस्थ शिशु से लेकर 6 वर्ष के बच्चे तक लक्षित हितग्राही हैं। हर दिन का शेड्यूल -संस्कार अभियान के अंतर्गत हर दिन आंगनबाड़ी का शेड्यूल तैयार किया गया है। शेड्यूल के अनुसार आंगनबाड़ी में विभिन्न प्रकार की खेल गतिविधि कराई जाती है। इससे हर दिन आंगनबाड़ी के बच्चों में उत्सुकता बनी होती है इससे आंगनबाड़ी में बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ती है।

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