तर्रा बना पहला ऐसा गांव जहां 18 वर्ष से अधिक उम्र के ग्रामीणों को लगा शत्-प्रतिशत कोरोना टीका

दुर्ग जिले का तर्रा पहला ऐसा गांव बना, जहां 18 वर्ष से अधिक उम्र के ग्रामीणों को शत्-प्रतिशत टीकाकरण किया जा चुका है।

रायपुर, 24 जून 2021 : दुर्ग जिले का तर्रा पहला ऐसा गांव बना, जहां 18 वर्ष से अधिक उम्र के ग्रामीणों को शत्-प्रतिशत टीकाकरण किया जा चुका है। इस गांव में निवास करने वाले 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी ग्रामीणों को टीका लगाया जा चुका है। केवल गर्भवती महिलाओं एवं कोविड मरीजों के अलावा सभी ग्रामीणों को टीका लगाया जा चुका है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से पाटन ब्लॉक के ग्राम तर्रा में आज टीकाकरण का कार्य पूरा हुआ। जिन वार्डों में टीकाकरण को लेकर संशय था, वहां मोबाइल टीम भी भेजी गई, इसका अच्छा परिणाम हुआ और सभी ग्रामीणों ने टीका लगवाया। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि टीके के संबंध में बहुत सारी अफवाहें फैली हुई है जो पूरी तरह से असत्य हैं।

जब ग्रामीणों ने देखा कि टीका लगवाने के बाद भी सभी ग्रामीण स्वस्थ हैं तो इसके बाद बचे हुए ग्रामीण जो टीका लगाने से हिचक रहे थे, वे भी सामने आए। इस कार्य में गांव के सरपंच की भी बड़ी भूमिका रही। सरपंच तथा जनप्रतिनिधियों ने लोगों को टीकाकरण के लिए तैयार किया और टीका के लाभों की जानकारी दी| इस तरह से तर्रा गांव के लोगों ने अपनी जागरूकता का प्रदर्शन कर टीकाकरण के कार्य में बड़ी उपलब्धि हासिल की।

ग्राम तर्रा में 18 वर्ष से अधिक की कुल आबादी 1358 लोगों की है, इसमें 1297 लोगों को वैक्सीन लगाया गया है क्योंकि 18 महिलाएं गर्भवती हैं और इस अवस्था में इन्हें टीका नहीं लगाया जा सकता। 11 ग्रामीण फिलहाल शहरों में रहते हैं तथा 32 ग्रामीण कोरोना वायरस से हाल ही में संक्रमित हुए जिसकी वजह से इन्हें कुछ समय बाद ही टीका लगाया जा सकेगा। इस तरह से ग्राम तर्रा पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हो गया है।

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