ताउते तूफान: मुंबई में डूबे बार्ज P305 से लापता 61 लोगों को बचाने का काम जारी

दो अन्य बार्ज्स और एक ऑयल रिग पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित

मुंबई: कोरोना संकट के बीच आए ताउते तूफान ने कई जगह तबाही मचाई, तूफान के कारण बड़ी तैयारियां भी करनी पड़ीं, जिसकी वजह से नुकसान को कुछ हदतक काबू में किया जा सका. ताउते तूफान के दौरान मुंबई में डूबे बार्ज P305 से लापता 61 लोगों को बचाने का काम जारी है.

इस बीच बचाए गए लोगों ने बार्ज को लेकर बड़ा खुलासा किया है. लोगों ने कहा कि तूफान आने से पहले कप्तान ने कहा था कि बार्ज नहीं डूबेगा और खुद बोट लेकर चला गया. लोगों के इस खुलासे के बाद केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं. पी-305 पर मौजूद लोगों में से 26 की मौत हो गई है.

समुंद्र में फंसने के बाद डूब गया था बार्ज

यह बार्ज चक्रवात ‘ताउते’ के कारण मुंबई के तट से कुछ दूर समुंद्र में फंसने के बाद डूब गया था. नौसेना की ओर से बताया गया कि बेहद खराब मौसम से जूझते हुए उसके जवानों ने बार्ज पी-305 पर मौजूद 261 लोगों में से अब तक 186 को बचा लिया है, दो लोगों को ‘टगबोट’ वारप्रदा से बचाया गया है. अभी तक 26 शवों को बरामद किया गया है और बार्ज पी-305 पर मौजूद 49 लोग अब भी लापता हैं जो सोमवार को डूब गया था. नौसेना ने अभी तक बताया था कि बजरे पर 273 लोग मौजूद थे लेकिन बुधवार की शाम को एक अधिकारी ने इसका संचालन करने वाली कंपनी के हवाले से बताया कि बजरे पर 261 थे.

मुंबई पुलिस जांच करेगी कि चक्रवात ताउते के बारे में चेतावनी जारी करने के बावजूद बार्ज पी-305 उस क्षेत्र में क्यों रूका रहा. दक्षिण मुंबई में येलो गेट पुलिस ने बजरे पर मौजूद लोगों में से जिनका शव बरामद हुआ है, उस सिलसिले में एक दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है.

दो अन्य बार्ज्स और एक ऑयल रिग पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित

नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि दो अन्य बार्ज्स और एक ऑयल रिग पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं. प्रवक्ता ने बताया, ”मुंबई और गुजरात में तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान अभी जारी है और लोगों को तट तक सुरक्षित लाने की उम्मीद हमने अब तक नहीं छोड़ी है.” उन्होंने कहा कि हालांकि लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद समय बीतने के साथ क्षीण पड़ती जा रही है.

इस बीच नौसेना का युद्धपोत आईएनएस कोच्चि पी-305 से बचाए गए 186 लोगों में से 125 को लेकर बुधवार सुबह मुंबई पहुंचा. प्रवक्ता ने बताया कि इनके साथ ही 22 शवों को भी लाया गया. नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया, ”बुधवार सुबह तक, पी-305 पर मौजूद 186 कर्मियों को बचा लिया गया है. आईएनएस तेग, आईएनएस बेतवा, आईएनएस ब्यास, पी-81 विमान और हेलीकॉप्टरों की मदद से तलाश और बचाव अभियान जारी है.”

ओएनजीसी और एससीआई के पोतों के जरिए सुरक्षित बचाया गया

नौसेना और तटरक्षक बल ने बजरे ‘जीएएल कन्स्ट्रक्टर’ में मौजूद 137 लोगों को मंगलवार तक बचा लिया था. अधिकारियों ने बताया कि बजरे एसएस-3 पर मौजूद 196 लोग और ऑयल रिग सागर भूषण पर मौजूद 101 लोग सुरक्षित हैं. ओएनजीसी और एससीआई के पोतों के जरिए इन्हें तट तक सुरक्षित लाया जा रहा है. बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए क्षेत्र में पोत आईएनएस तलवार भी तैनात है.

नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि 707 कर्मियों के साथ तीन बजरे और एक ऑयल रिग सोमवार को समुद्र में फंस गए थे. इनमें 273 लोगों के साथ ‘पी305’ बार्ज, 137 कर्मियों के साथ ‘जीएएल कंस्ट्रक्टर’ और एसएस-3 बार्ज शामिल है, जिसमें 196 कर्मी मौजूद थे. साथ ही ‘सागर भूषण’ ऑयल रिग भी समुद्र में फंस गया था, जिसमें 101 कर्मी मौजूद थे. नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा कि यह बीते चार दशक में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण तलाश और बचाव अभियान है.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button