इंश्योरेंस कवर के प्राइस पॉइंट के बाद टैक्सियों का रजिस्ट्रेशन हुआ बंद

कमर्शल कामकाज वाले वाहनों का थर्ड-पार्टी बीमा प्रीमियम निजी कारों के मुकाबले ज्यादा है

नई दिल्ली। कई चुनौतियों से जूझ रही ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के सामने अब एक नई मुश्किल आ गई है। रोड मिनिस्ट्री के नए नोटिफिकेशन के चलते पूरे देश में टैक्सियों की बिक्री बंद होने के कगार पर पहुंच गई है।

इंश्योरेंस रेग्युलेटरी डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीए) ने अभी तक टैक्सियों के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली पैसेंजर वीइकल्स के लिए तीन साल के थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर के प्राइस पॉइंट की जानकारी नहीं दी है। इसके चलते रीजनल ट्रांसपॉर्ट ऑफिसेज (आरटीओ) ने टैक्सियों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया है।

कमर्शल कामकाज वाले वाहनों का थर्ड-पार्टी बीमा प्रीमियम निजी कारों के मुकाबले ज्यादा है क्योंकि उनके दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका ज्यादा रहती है। नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक कार

ईटी ने कई इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स से इसे लेकर बात की। उन्होंने बताया कि पिछले दो हफ्तों में दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में टैक्सियों की बिक्री बिल्कुल बंद हो गई है क्योंकि आरटीओ ने रोड मिनिस्ट्री के सर्कुलर के बाद टैक्सियों का रजिस्ट्रेशन करने से इनकार कर दिया है।

इस सर्कुलर में ट्रांसपॉर्ट वीइकल्स के साथ ही नॉन-ट्रांसपोर्ट वीइकल्स के लिए भी तीन साल के थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर को अनिवार्य कर दिया गया है।

एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि अगले कुछ दिनों में टैक्सियों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन पूरे देश में बंद हो जाएगा क्योंकि आईआरडीए ने अभी तक इंश्योरेंस प्रॉडक्ट के प्राइस पॉइंट के बारे में कुछ नहीं बताया है।

आईआरडीए की देरी के चलते ऐप बेस्ड कैब कंपनियां और फ्लीट ऑपरेटर्स प्रभावित हो रहे हैं, जो सालाना 2,40,000 गाड़ियां खरीदते हैं। अभी तक टैक्सियां एक साल के थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर पर रजिस्टर्ड होती थीं।

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