चाय ब्रेक ने किया किडनी रैकेट का भंडाफोड़

देहरादून. पुलिसवालों को अकसर किसी अपराधी को पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। उन्हें कोई भी जानकारी आसानी से नहीं मिलती है। लेकिन हरिद्वार के रानीपुर में तैनात पंकज शर्मा चाय पीने गए और एक किडनी रैकेट के बारे में अहम जानकारी उन्हें मिल गई।

दरअसल, पंकज जब एक चाय की दुकान पर सादे कपड़ों में बैठे थे तभी उन्होंने दो लोगों को बात करते सुना। उनकी बातचीत में किसी अस्पताल में चल रहे ऑर्गन रैकेट का जिक्र था। हालांकि पंकज को अस्पताल का नाम नहीं पता चला।

पंकज ने यह जानकारी अपने सीनियर्स को दी। तब सब-इंस्पेक्टर अभिनव शर्मा और इंस्पेक्टर प्रदीप बिष्ट ने हरिद्वार को एसएसपी कृष्ण कुमार को मामले से अवगत कराया। एसएसपी कुमार ने हमारे सहयोगी अखबार को बताया कि उन्हें अपने इलाके में चल रहे रैकेट के बारे में कुछ जानकारियां मिलीं। अस्पताल का नाम न पता होने पर भी उन्होंने एक टीम बनाई। पुलिस ने अपने सूत्रों की मदद से जांच शुरू की और उन्हें देहरादून के बाहरी इलाकों में स्थित डोईवाला के गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल के बारे में पता चला। पहले तो उनके पास कोई सबूत न होने के कारण वह सीधे-सीधे कुछ कदम नहीं उठा सकते थे।

एक महीने तक कोशिश करने के बाद उन्हें 10 सितंबर को एक एसयूवी में ऑर्गन डोनर्स को अस्पताल ले जाने की बात पता चली। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए हरिद्वार पुलिस की एक टीम ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें मुख्य आरोपी अमित कुमार का खास जावेद खान शामिल था। बाद में पुलिस ने अमित कुमार को भी पकड़ लिया। इस रैकेट में शामिल राजीवव चौधरी और उसकी पत्नि अनुपमा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने देहरादून में अस्पतताल खोलने में अमित की मदद की थी। अस्पताल के अंदर अवैध फार्मेसी चलाने वाले अभिषेक शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में पंकज शर्मा की भूमिका को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने उनका नाम मेडल के लिए आगे किया है। राज्य पुलिस मुख्यालय मे भी उन्हें अगले साल गणतंत्रता दिवस पर परेड के दौरान सम्मानित करने का फैसला किया है।

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