छत्तीसगढ़

बच्चों को खेल-खेल में सिखाएं संस्कार भी : रमशीला

संस्कार अभियान लागू करने के लिए सघन प्रशिक्षण का हुआ समापन

रायपुर: बच्चों को शाला के बाद शिक्षा के साथ खेल-खेल में संस्कार भी सिखाएं । सोमवार को ये बातें महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू ने जोरा के पंजाब केसरी भवन में कही । उन्होंने आगे कहा कि संस्कार अभियान से बच्चे शिक्षा के साथ संस्कार भी प्राप्त करेंगे। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को प्रेम, दुलार देकर खेल-खेल में संस्कार और शाला पूर्व शिक्षा भी दें तभी इस प्रशिक्षण की सार्थकता होगी। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारियों को केन्द्रों में जाकर अच्छे से क्रियान्वित करे। रमशीला साहू ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिया।
संस्कार अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा के साथ-साथ संस्कार खेल-खेल में दिए जाने का प्रावधान है। 10 मार्च को संस्कार अभियान को प्रारंभ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया था। अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। पाठ्यक्रम प्रारंभ करने से पहले प्रशिक्षण आवश्यक है, इसलिए विभाग की ओर से विगत 25 मई से प्रदेश भर के जिला कार्यक्रम अधिकारियों, परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों और ट्रेनिंग सेंटर के संकाय सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 15 सौ से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण प्राप्ति के उपरांत ये प्रतिभागी दो आंगनबाड़ी केन्द्रों में जाकर यहां से जो गतिविधि सीखे, वह बच्चों को सीखाएंगे। साथ ही ये आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी देंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण उपरांत संस्कार अभियान के पाठ्यक्रम को पूरे प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में लागू किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए विभाग की सचिव डॉ. एम. गीता ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि संस्कार अभियान में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ेंगी तो हमारा प्रशिक्षण सार्थक होगा। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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