गुटखा खाकर क्लासरूम में बच्चों को पढ़ा रहे टीचर पर ऐक्शन, नहीं मिलेगी बढ़ी सैलरी

अहमदाबाद जिले के शिक्षा अधिकारी ने तय किया है कि वह साणंद में गुटखा खाकर स्कूल परिसर में आने वाले अध्यापक को सजा देंगे

गुटखा खाकर क्लासरूम में बच्चों को पढ़ा रहे टीचर पर ऐक्शन, नहीं मिलेगी बढ़ी सैलरी

माना जाता है कि अध्यापक बच्चों के भविष्य की नींव रखते हैं लेकिन सोचिए कि वही शिक्षक जिनके कंधों पर बच्चों के बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी है, वह गलत हरकत करें तो इसका क्या असर होगा। कई बार देखा गया है कि स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक गुटखा खाकर क्लासरूम में जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया अहमदाबाद के साणंद से, जहां पर एक शिक्षक को क्लासरूम में गुटखा खाते हुए पकड़ा गया। इसके बाद डीपीईओ ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

अहमदाबाद जिले के शिक्षा अधिकारी ने तय किया है कि वह साणंद में गुटखा खाकर स्कूल परिसर में आने वाले अध्यापक को सजा देंगे। ड्रिस्ट्रिक्ट प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर (डीपीईओ) के मुताबिक, वह दोषी शिक्षक अशोक शर्मा के वेतन में एकबार की बढ़ोतरी पर रोक लगाएंगे। गौरतलब है कि अहमदाबाद जिले में इस तरह का यह पहला मामला है जबकि राज्य के लिहाज से यदि बात की जाए तो दूसरी बार ऐसी घटना सामने आई है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले सुरेंद्रनगर जिले डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर ने एक शिक्षक को गुटखा खाते हुए पकड़े जाने पर उनके वेतन में होने वाली बढ़ोतरी को रोक दिया था।

गुटखा खाने की बात टीचर ने मानी
अहमदाबाद जिला पंचायत की एजुकेशन कमिटी के चेयरमैन वासुभाई सोलंकी शुक्रवार को साणंद स्थित जुवल पब्लिक स्कूल के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि तीसरी कक्षा के छात्रों को पढ़ा रहे शिक्षक बच्चों को गुटखा खाकर पढ़ा रहे हैं। सोलंकी ने बताया, ‘जब मैंने जांच की तो पाया कि शिक्षक गुटखा खा रहे थे। जब मैं सामने पहुंचा तो शिक्षक ने यह बात स्वीकार की कि वह हमेशा क्लासरूम में गुटखा खाते हैं। यहां तक कि वह गुटखे के आदी हैं।’

चेयरमैन के मुताबिक, ‘हमने उन्हें पंचायत अनुशासन ऐक्ट के तहत दोषी पाया, जिसके बाद हमने तय किया कि उन पर कार्रवाई करके एक उदाहरण स्थापित किया जाएगा।’

दोषी टीचर पर कार्रवाई के दिए आदेश
डीपीईओ महेश मेहता द्वारा दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए और उनकी वेतन बढ़ोतरी पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूल परिसरों में कई शिक्षक गुटखा खाते हैं लेकिन अधिकारियों के दौरे के वक्त उन्हें ऐसा करने से रोक दिया जाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हम चाहते हैं कि स्कूल के प्रिंसिपल ऐसे मामलों की ख़बरें शिक्षा विभाग को दें लेकिन कई बार पाया गया है कि खुद प्रिंसिपल ही गुटखा खाते हैं।’

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