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ऑस्ट्रेलियाई टीम को उनके घर में हराकर टीम इंडिया का हैप्पी न्यू ईयर

भारत ने एमसीजी में चौथे टेस्ट के पांचवें दिन मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 137 रनों से पराजित कर सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली।

सिडनी के हार्बर ब्रिज पर नए साल की आतिशबाजी होने में अभी कुछ घंटे हैं लेकिन उससे पहले ही दुनिया की नंबर वन टीम ने मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में खेले गए बॉक्सिंग-डे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम को उसके घर में हराकर अपना ‘हैप्पी न्यू ईयर’ कर लिया ह

अब भारतीय टीम तीन जनवरी से होने वाले सीरीज के चौथे व आखिरी मुकाबले को जीतकर या ड्रॉ कराकर 71 साल में पहली बार यहां सीरीज जीतकर इतिहास रचना चाहती है।

भारत ने एमसीजी में चौथे टेस्ट के पांचवें दिन मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 137 रनों से पराजित कर सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली।

भारत ने एडिलेड में हुए पहले टेस्ट को 31 रनों से जीता था जबकि पर्थ में हुए दूसरे टेस्ट को ऑस्ट्रेलिया ने 146 रनों से अपने नाम किया।

भारत ने एमसीजी पर तीसरी बार जीत हासिल की। पहली बार उसने यहां बॉक्सिंग डे टेस्ट अपने नाम किया। इससे पहले भारत ने यहां सात बॉक्सिंग-डे टेस्ट खेले जिसमें पांच में उसे हार मिली।

दो मैच ड्रॉ रहे। इस मैदान पर भारतीय टीम को जीत के लिए 37 सालों का लंबा इंतजार करना पड़ा है। उसे यहां आखिरी बार 1981 में जीत मिली थी। टेस्ट क्रिकेट में यह भारत की कुल 150वीं जीत है।

बारिश के बाद 27 गेंदें : एमसीजी में पहली पारी 443 और दूसरी पारी 106 रन पर घोषित करने वाली भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 151 रनों पर ऑलआउट की थी।

विराट ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन नहीं दिया था और इसके बाद मेजबान टीम ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 258 रन बनाए।

रविवार को सबको लग रहा था कि सुबह-सुबह भारत जीत जाएगा लेकिन बारिश ने सबके चेहरों में परेशानी ला दी।

प्रशंसकों को डर था कि कहीं बारिश टीम इंडिया की जीत की राह में बाधा न बन जाए और यही कारण था कि ‘मेलबोर्न का मौसम्य गूगल में ट्रेंड करने लगा।

हालांकि बारिश रुकने और पिच से कवर हटने के 27 गेंदों बाद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में सातवीं टेस्ट विजय हासिल कर ली।

दिन के चौथे और ऑस्ट्रेलियाई पारी के 89वेंओवर की दूसरी गेंद पर मैन ऑफ द मैच जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर पैट कमिंस (63) को पहली स्लिप पर पुजारा के हाथों कैच आउट कराकर मैच में नौवां विकेट झटका।

अगले ओवर में इशांत की बाउंसर को हुक करने के च-र में नाथन लियोन (07) आउट हुए।

गेंद उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर विकेटकीपर पंत के दस्तानों में समा गई और इसी के साथ भारतीय प्रशंसकों का ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाने का सपना पूरा हो गया।

यह पहली बार हुआ, जब भारतीय टीम ने दोनों पारियां घोषित करने के बाद विदेश में टेस्ट मैच अपने नाम किया।
इससे पहले 2004 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए टेस्ट में भारत (705/7, 211/2) ने दोनों पारियां घोषित की थीं।

टीम ने 2007 में चिटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ भी ऐसा किया था लेकिन यह दोनों टेस्ट ड्रॉ रहे थे।

भारतीय टीम की इस साल की शुरुआत खराब रही थी। पांच जनवरी से केपटाउन में शुरू हुए टेस्ट मैच में उसे दक्षिण अफ्रीका ने 72 रनों से पराजित किया था लेकिन टीम इंडिया ने साल का अंत ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराकर किया।

हालांकि विदेश में टीम इंडिया के प्रदर्शन को देखें तो उसने इस साल दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट विजय हासिल की हैं जो बेहद अहम है।

अगर टीम प्रबंधन कुछ गलत फैसले नहीं लेता तो भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में भी टेस्ट सीरीज जीत सकती थी।

भारत ने दक्षिण अफ्रीका में जोहानिसबर्ग की बेहद खराब पिच पर मैच जीता तो, नॉटिंघम में इंग्लैंड को टेस्ट में आसानी से हराया।

हालांकि उसे दक्षिण अफ्रीका से तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 1-2 से और इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 1-4 से हारनी पड़ी।

फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय टीम 2-1 से आगे है और उसे यहां पहली टेस्ट सीरीज विजय की आहट दिखाई देने लगी है।

बॉक्सिंग-डे टेस्ट जीत के हीरो :-

जसप्रीत बुमराह

दुनिया के नंबर वन गेंदबाज बनने की ओर बढ़ रहे बुमराह ने इस मैच में कुल नौ विकेट झटके। पहली पारी में उन्होंने 33 रन देकर छह विकेट लेकर करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। दूसरी पारी में उन्होंने 53 रन देकर तीन विकेट लिए। वह ऑस्ट्रेलिया में मेजबान टीम के खिलाफ मैच में नौ विकेट चटकाने वाले पहले भारतीय और दूसरे विदेशी तेज गेंदबाज बने।

उनसे पहले दक्षिण अफ्रीका के काइली एबॉट ने 2016 में होबार्ट में नौ विकेट लिए थे।

मयंक अग्रवाल

लगातर फेल हो रहे ओपनरों के बाद मयंक अग्रवाल को तीसरे टेस्ट के लिए बुलाया गया। उन्हें हनुमा विहारी के साथ ओपनिंग में उतारा गया।

मयंक ने अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली पारी में 76 और दूसरी पारी में 42 रन बनाए।

चेतेश्वर पुजारा

मध्यक्रम के बल्लेबाज पुजारा ने 319 गेंदें खेलते हुए पहली पारी में 106 रन बनाए। उन्होंने मयंक के साथ दूसरे विकेट के लिए 83 और कप्तान विराट कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 170 रनों की साझेदारी की। पुजारा ने इस सीरीज में दूसरा शतक लगाया।

विराट कोहली

खराब टीम चयन के कारण पर्थ टेस्ट हारने के लिए आलोचना झेल रहे विराट ने यहां सही टीम का चयन किया और टॉस जीता।

उन्होंने 443 रनों पर पारी घोषित कर बोल्ड फैसला लिया और पहली पारी में 204 गेंदों पर 82 रन की बेहतरीन पारी खेली।

रवींद्र जडेजा

जिस गेंदबाज को पिछले मैच में नहीं खिलाने के कारण विराट को आलोचना झेलनी पड़ी थी उस जडेजा ने यहां पहली पारी में दो और दूसरी पारी में तीन विकेट लेकर जीत तें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विदेश में सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने वाले भारतीय कप्तान

जीत, कप्तान, विदेश में टेस्ट

11, विराट कोहली, 24

11, सौरव गांगुली, 28

6, एम एस धौनी, 30

5, राहुल द्रविड़, 17

2018 में विदेश में मिली चार जीतों में चेतेश्वर पुजारा

बनाम, स्थान, पहली पारी, दूसरी पारी

दक्षिण अफ्रीका, जोहानिसबर्ग, 50, 01

इंग्लैंड, ट्रेंट ब्रिज, 14, 72

ऑस्ट्रेलिया, एडिलेड, 123, 71

ऑस्ट्रेलिया, मेलबोर्न, 106, 00

ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट में भारतीय तेज गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

प्रदर्शन, गेंदबाज, शहर, वर्ष

9/86, जसप्रीत बुमराह, मेलबोर्न, 2018

8/109, कपिल देव, एडिलेड, 1985

8/160, अजित अगरकर, एडिलेड, 2003

150 या उससे ज्यादा टेस्ट जीतने वाले देश

देश, जीत

भारत, 150

दक्षिण अफ्रीका, 162

वेस्टइंडीज, 171

इंग्लैंड, 364

ऑस्ट्रेलिया, 384

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