जल्द खत्म होगा iPhone पर ऑनलाइन डिस्काउंट

ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर आईफोन पर मिल रहा डिस्काउंट जल्द ही खत्म हो सकता है। ऐपल इंडिया के बॉस मिशेल कुलॉम्ब की नई सेल्स स्ट्रैटेजी के चलते ऐसा होगा। सूत्रों ने बताया कि ऐपल इंडिया ने डिस्ट्रीब्यूटर्स का मार्जिन आधे से अधिक घटाकर 1.7-2.5 पर्सेंट कर दिया है।

ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर आईफोन पर मिल रहा डिस्काउंट जल्द ही खत्म हो सकता है। ऐपल इंडिया के बॉस मिशेल कुलॉम्ब की नई सेल्स स्ट्रैटेजी के चलते ऐसा होगा। सूत्रों ने बताया कि ऐपल इंडिया ने डिस्ट्रीब्यूटर्स का मार्जिन आधे से अधिक घटाकर 1.7-2.5 पर्सेंट कर दिया है। उसने डिस्ट्रीब्यूटर्स को मार्जिन प्रोटेक्ट करने को भी कहा है।

इससे पहले वे किसी भी ट्रेड पार्टनर को फोन की बिक्री कर सकते थे। इसका मतलब यह है कि ऑनलाइन डिस्काउंट के जरिए फोन की बिक्री की जा सकती थी। इसमें वे अपने मार्जिन का एक हिस्सा छोड़ देते थे।

इंडस्ट्री के 3 सूत्रों ने बताया कि फ्रेंचाइजी के जरिए चलाए जा रहे ऐपल स्टोर्स के लिए देश में मार्जिन 4-5 पर्सेंट से बढ़ाकर 5-7 पर्सेंट कर दिया गया है। कंपनी इस तरह से ऑफलाइन चैनल का विस्तार करना चाहती है। वह इस तरह से कंपनी के मालिकाना हक वाले स्टोर्स के लिए तैयार हो रही है।

माना जा रहा है कि साल 2020-21 में ऐपल के स्टोर्स देश में खुल सकते हैं। मिशेल ने पिछले महीने भारत का कामकाज संभाला था। उससे पहले ऐपल इंडिया के बॉस संजय कौल थे, जिन्हें सेल्स में गिरावट के बाद कंपनी छोड़कर जाना पड़ा था।

सूत्रों ने बताया, ‘मिशेल कंपनी के सेल्स ऑपरेशंस में डिसिप्लिन लाना चाहते हैं। ऐपल इंडिया का काम संभालने के बाद वह ट्रेड पार्टनर्स से मिले थे। वह ऐपल के ब्रांडेड स्टोर्स से बिक्री बढ़ाने पर यकीन रखते हैं। उनका मानना है कि ऑनलाइन डिस्काउंट से कंपनी की ब्रांड इमेज पर बुरा असर पड़ रहा है।’

ऐपल इंडिया ने इस खबर के लिए पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए। देश में जितने आईफोन बिकते हैं, उसमें ऑनलाइन सेगमेंट की हिस्सेदारी 50 पर्सेंट से ज्यादा है। ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट और पेटीएम पर समय-समय पर आईफोन पर डिस्काउंट दिए जाते रहे हैं।

इससे कंपनी को ऑनलाइन रूट से आईफोन की बिक्री बढ़ाने में सफलता मिली है। देश के ओवरऑल स्मार्टफोन मार्केट में ई-कॉमर्स सेगमेंट की हिस्सेदारी एक-तिहाई है।

ऐपल ने डिस्ट्रीब्यूटर्स इनग्राम माइक्रो, रेडिंग्टन, राशी पेरिफेरल्स, ब्राइटस्टार और एचसीएल इन्फोसिस्टम्स को खास क्षेत्रों में ट्रेड पार्टनर्स के साथ सेल्स को मैनेज करने को कहा है।

मिसाल के लिए, एचसीएल को बी2बी सेल्स पर ध्यान देने को कहा गया है जबकि इनग्राम माइक्रो को मॉडर्न रिटेल और ऐपल फ्रेंचाइजी स्टोर्स के जरिए बिक्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ब्राइटस्टार नेबरहुड सेलफोन स्टोर्स पर फोकस करेगी। एक सूत्र ने बताया कि ऐपल सीधे प्राइस कंट्रोल नहीं करेगी क्योंकि यह उसकी पॉलिसी के खिलाफ है।

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