छत्तीसगढ़

विकसित सॉफ्टवेयर्स की तकनीकी जानकारी देने कार्यशाला शुरू

रायपुर: केन्द्रीय पंचायत राज मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से पंचायती राज व्यवस्था अंतर्गत पारदर्शिता ओर तकनीकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित सॉफ्टवेयर्स पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आज यहां शुरू हुई। ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत और ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा, रायपुर में आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और संस्थान के संचालक पी. सी. मिश्रा ने किया।
कार्यशाला पांच अगस्त तक चलेगी। इस अवसर पर केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय के अधिकारी सुबोध गुर्जर और दिल्ली एन.आई.सी. टीम के सदस्य संजय जोशी, गौरव तथा प्रशिक्षण समन्वयक अशोक कुमार जायसवाल सहित छह राज्यों क्रमशः पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, झारखंड, बिहार, गुजरात एवं छत्तीसगढ़ के लगभग 50 प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यशाला में केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर सेविकसित बारह मुख्य सॉफ्टवेयर्स जैसे- प्लान प्लस, प्रिया सॉफ्ट, एक्शन सॉफ्ट, सर्विस डिलवरी, पंचायत नॉलेज पोर्टल, जियो-टैगिंग एवं पंचायत पुरस्कार पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
प्रशिक्षण सह कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि ‘‘वर्तमान परिदृश्य में पंचायतों के ऑडिट, बजट, लेखा, संधारण एवं अन्य प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता के दृष्टिकोण से तकनीकी का उपयोग बढ़ा है। केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से इस दिशा में विकसित किये गए सॉफ्वेयर्स काफी सार्थक हुए हैं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से आपको मैदानी क्षेत्रों में विभिन्न पंचायती राज से जुड़ी योजनाओं के व्यवहारिक अनुभव को सॉफ्टवेयर आधारित तकनीकी ज्ञान से जोड़ने में मदद मिलेगी। आप सभी अपने-अपने राज्यों के अनुभवों को कार्यशाला में रखेंगे। इससे सभी को सीखने और समझने में आसानी होगी। कार्यशाला में केन्द्रीय पंचायत राज मंत्रालय के अधिकारियों और एन.आई.सी. टीम के सदस्यों ने प्रिया-सॉफ्ट के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया ।

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