किशोरी होती बच्चियों व महिलाओं को अपने अधिकार पता होना चाहिए: डॉ. किरणमयी नायक

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने एक सवाल के जवाब में कहा

रायपुर:छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बिलासपुर में एक सवाल के जवाब में कहा कि किशोरी होती बच्चियों व महिलाओं को अपने अधिकार पता होना चाहिए। नाबालिग हैं तो प्यार मोहब्बत के फिल्मी तरीके और इनके चक्कर में न आएं।

आपका घर, परिवार व जिंदगी तबाह हो जाएगी। कई तो 18 साल पूरा होते ही शादी कर लेती हैं और बच्चा होने पर आयोग में शिकायत लेकर आती हैं। ऐसे में पहले अपनी स्थिति को समझ लें, दुनिया फिल्मी कहानी की तरह नहीं होती है।

हर एक की जिंदगी की अपनी-अपनी अलग कहानी होती है। पहले आप पढ़ लिखकर जिम्मेदार बनें और जिससे शादी करना चाह रहे हैं, वह जिम्मेदार है या नहीं, आपकी परवरिश कर सकता है या नहीं, यह देखें।

नायक ने कहा कि शादीशुदा आदमी यदि आपको प्यार के झांसे में फंसा रहा है, तो यह समझना चाहिए कि वह व्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है। आपको पुलिस थाना, कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे।

प्रार्थना भवन में सुनवाई के बाद पत्रकारों से चर्चा में डॉ.नायक ने कहा कि दहेज प्रताड़ना, कार्यस्थल पर शोषण, घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा आते हैं। कई प्रकरण खारिज करने पड़ते हैं क्योंकि यदि शिकायत को पुलिस ने दर्ज नहीं किया है तो महिला आयोग में सुनवाई होती है लेकिन यदि एफआईआर हो चुकी है तब आयोग राहत नहीं दे पाता।

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