छत्तीसगढ़

थानेदार ने पेश की मानवता की मिसाल

जशपुर. एक और जहां कौशल विकास योजना के तहत कुनकुरी बस स्टेंड में बुलायी गयी लड़कियों में पुलिस के व्यवहार से काफी पीड़ा है और उन्हें वे काफी कुछ भला बुरा कह रही हैं वही जशपुर जिले के कांसाबेल में इसी योजना के तहत बुलाई गई 2 लड़कियों को जब रिजर्वेशन नही होने का हवाला देकर बस स्टेंड में बेसहारा छोड़ दिया गया उस वक़्त कांसाबेल थाना प्रभारी ओम प्रकाश धुर्वे ने मानवता का जो परिचय दिया उसकी जितनी भी सराहना से कम नहीं है ।ध्रुव को जैसे ही ग्रामीणों के द्वारा ज्ञात हुआ की दो लड़कियां 10 बजे रात में बस स्टेंड में अकेले अपनों की तलाश कर रही हैं और उन्हें मदद चाहिए तो थानेदार तत्काल बस स्टेंड पहुंचे और दोनों लड़कियों से पूछ-ताछ करने के बाद उन्हें महिला सामजिक कार्यकर्ता सिस्टर अनी से तत्काल बात की और उन्हें विशेष तौर पर संरक्षण देते हुए सिस्टर के सुपुर्द कर दिया । उन्हें सिस्टर ऐनी ने जीवन झरना के हॉस्टल में रात भर ठहराया और सुबह उनके घर भेज दिया । थानेदार ओमप्रकाश धुर्वे ने लड़कियों का नाम अंजलि सिदार और आरती प्रजापति बताया ।

क्या था मामला

कौशल विकास योजना के अंतर्गत महादेव डांस से दो बालिकाओं को कांसाबेल बुलाया गया और उन्हें रात में यह सूचना दी गई कि आप लोगों का रिजर्वेशन नहीं हुआ है उन्हें घर जाने के लिए ना कोई बस की सुविधा थी अकेली दो लड़कियां कांसाबेल प्रतीक्षालय में रात्री 10:00 बजे तक बैठे चुपचाप बार बार फोन करके यह कह रही थी कि अब हम घर कैसे जाएंगे यह तो कांसाबेल में पदस्थ टीआई के द्वारा एक ऐसी मानवता पेश की गई उन्होंने बस स्टैंड आकर उन बच्चों को जीवन झरना समिति की सिस्टर के पास ले जाकर थोड़ा जिससे वह रात वहां रहकर सवेरे घर के लिए रवाना हुई निश्चित तौर से अगर टीआई महोदय नहीं पहुंचते तो वह बच्चे घर भी सुरक्षित कैसे पहुंचते यह भी प्रश्न चीन हैँ हम कांसाबेल टीआई महोदय को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं जिन्होंने बच्चियों की मजबूरी को समझा और सुरक्षित जीवन झरना समिति को उनके निवास में जाकर उन्हें सिस्टर एनी के पास छोड़ कर उन्हें आसरा दिया निश्चित तौर से यह घोर लापरवाही है अगर बच्चों को बुलाया जाता है तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्ही की होनी चाहिए उन्हें बुलाकर इस तरह अजनबी जगह में छोड़कर वह किस हाल में है इसकी जानकारी लेना भी जरुरी नहीं समझते निश्चित तौर से कलेक्टर महोदया को इस विषय पर संज्ञान लेते हुए कर्मचारियों पर कार्यवाही करनी चाहिए
गौरतलब है कि सोमबार को कुनकुरी में कौशल विकास योजना के तहत लड़कियों को रायपुर जाने के लिए कुनकुरी बुलाया गया था । सभी लडकिया 6 घण्टे तक बस स्टेंड में बस का इन्तजार करती रही और जब रात को 10 बजे बस आयी तो उन्हें यह बोल दिया गया कि उनका रिजर्वेशन ही नही हुआ है।

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