26 जनवरी की परेड में छग की झांकी को शामिल न करना, मोदी सरकार के दोहरे मापदंड को दर्शाता है: संजीव अग्रवाल

छत्तीसगढ़ की झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में दिल्ली में शामिल किया जाता था, लेकिन इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में स्थान नहीं मिला

रायपुर। 26 जनवरी को लाल किले में परेड के दौरान हर साल की तरह इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी को शामिल नहीं किया जाएगा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक संजीव अग्रवाल ने कहा कि हर वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में दिल्ली में शामिल किया जाता था। लेकिन इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में स्थान नहीं मिला।

जिसका कारण मोदी सरकार की खींझ है क्योंकि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को छत्तीसगढ़ में बुरी तरह से शिकस्त मिली है। जो भाजपा सरकार 15 साल से लगातार सत्ता में थी।

15 साल के कुशासन को जनता ने शिरे से नकारा

उसे छत्तीसगढ़ में मात्र 15 सीटों से ही संतोष करना पड़ा जिसका कारण है जनता का भाजपा के प्रति रोष। छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा सरकार के 15 साल के कुशासन को सिरे से नकार दिया।

प्रदेश में पहली बार तीसरी शक्ति के रूप में उभरे जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) व बसपा के गठबंधन को 7 सीटें दिला कर यह साबित कर दिया।

छत्तीसगढ़ में तीसरी शक्ति का बहुत बड़ा महत्व है। संजीव अग्रवाल ने कहा कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ का यह पहला विधानसभा चुनाव था जिसमें करारी शिकस्त मिली है।

बदले की दुर्भावना से 26 जनवरी में छग के झांकी को नहीं दिया स्थान

इसी कारण बदले की दुर्भावना से मोदी सरकार ने इस वर्ष आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस की परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी को स्थान नहीं दिया और यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की जनता और छत्तीसगढ़ के प्रति दोहरे मापदंड को दर्शाता है जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।

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