खेल

50 ओवर का प्रारूप पहली चीज है, जिसे देखने की जरूरत -सचिन तेंदुलकर

एक-दिवसीय मैच को 25 ओवर की चार पारियों में विभाजित करने का दिया सुझाव

नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 2009 में भी एक-दिवसीय मैच को 25 ओवर की चार पारियों में विभाजित करने का सुझाव दिया था. आईसीसी ने इस पर विचार भी किया था, लेकिन अंत में इसे लागू नहीं किया गया था.

क्रिकेट में वन-डे इंटरनेशनल (वनडे) की लोकप्रियता में गिरावट पर जारी बहस के बीच सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर से 50 ओवरों के फॉर्मेट को नया बनाने का सुझाव दिया है. तेंदुलकर ने
अपने विचारों का समर्थन करते हुए मास्टर ब्लास्टर ने मंगलवार को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, चैलेंजर ट्रॉफी जैसे भारतीय घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों के पूर्ण पुनरुद्धार और दलीप ट्रॉफी के फॉर्मेट को फिर से बनाने का सुझाव दिया. तेंदुलकर ने कहा, “50 ओवर का प्रारूप पहली चीज है, जिसे देखने की जरूरत है.”

सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा कि जैसा कि मैंने सुझाव दिया था, वनडे फॉर्मेट को प्रत्येक पारी (दो टीमों के बीच कुल चार पारियों) के बीच 15 मिनट के ब्रेक के साथ 25 ओवरों की दो पारियों की आवश्यकता होती है. उन्होंने कहा कि इनोवेशन की संख्या बढ़ भी सकती है.

तेंदुलकर ने यह भी सुझाव दिया कि 25 ओवरों के प्रत्येक सेट के पहले पांच ओवरों में पावरप्ले हो सकता है. उन्होंने प्रस्ताव दिया कि गेंदबाजी पक्ष जब चाहे पावरप्ले के तीन ओवर ले सकता है, जबकि बल्लेबाजी पक्ष के लिए दो ओवर बचेंगे.

उन्होंने कहा, पावरप्ले में गेंदबाजी के लिए छह अतिरिक्त गेंदें बल्ले और गेंद के बीच की लड़ाई को संतुलित करेंगी. यह दर्शकों के लिए रोमांचक होगा क्योंकि टीमें लगातार रणनीतियों पर पुनर्विचार करेंगी.

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