जकांछ छोड़कर कांग्रेस में इन 8 नेताओं की होगी अग्नि परीक्षा

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) छोड़कर कांग्रेस में वापस आने वाले नेताओं को अग्नि परीक्षा देनी होगी। इसमें से जो नेता लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी को ज्यादा वोट दिलाएंगे, उनकी ही पार्टी में आगे पूछ-परख बनी रहेगी। इस लिहाज से उन आठ नेताओं पर दबाव ज्यादा है, जिन्होंने जकांछ के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ा था और हारने के बाद अब कांग्रेस का दामन थाम लिए हैं। कांग्रेस इन सभी नेताओं की गतिविधियों पर नजर भी रख रही है।

जकांछ ने विधानसभा चुनाव में 55 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। इसमें से केवल पांच प्रत्याशी ही विधायक चुने गए। बाकी हारे हुए 50 नेताओं को जकांछ में भविष्य अंधकारमय लगने लगा, तो एक-एक करके पार्टी छोड़कर भागने लगे। जकांछ में भगदड़ मची हुई है।

पार्टी सुप्रीमो अजीत जोगी के लिए नेताओं-कार्यकर्ताओं को रोकना मुश्किल हो गया है। चुनाव लड़ने वाले जकांछ नेता, जो अब कांग्रेस में आ गए हैं, उसमें पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, संतोष कौशिक, चैतराम साहू, बृजेश साहू, अमर गिदवानी, पूर्व विधायक चंद्रभान बारमते, दिग्विजय सिंह कृदत्त और दीपक यादव शामिल हैं।

जकांछ छोड़ने वालों में एक और नेता हैं, पूर्व विधायक डॉ. बालमुकुंद देवांगन, जिन्होंने दुर्ग ग्रामीण से चुनाव लड़ा था। देवांगन अभी तक दूसरे दल में नहीं गए हैं। जकांछ छोड़ने वाले नेताओं को राजनीति का दूसरा द्वार कांग्रेस से बेहतर कोई और नहीं लग रहा, क्योंकि प्रदेश में अभी कांग्रेस सत्ता में है।

अधिक वोट दिलाने की चुनौती

अब इससे कांग्रेस को कितने फायदे की उम्मीद की जा रही है, इस पर बात करें, तो बिलासपुर की तीन बिल्हा, तखतपुर व मुंगेली और रायपुर की एक विधानसभा सीट भाटापारा में कांग्रेस को अच्छी खासी बढ़त मिलने की उम्मीद की जा रही है। जकांछ छोड़ने वाले नेताओं पर बिलासपुर में कांग्रेस को 72 हजार से अधिक वोट दिलाने की चुनौती है।

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