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भारत और चीन के बीच देर रात ढाई बजे तक चली 9वें दौर की बातचीत

15 घंटे तक चली इस बैठक में तनाव कम करने पर बातचीत हुई

नई दिल्ली:पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच पिछले नौ महीनों से तनाव की स्थिति बनी हुई है. दोनों तरफ से पूर्वी लद्दाख में सेना और हथियारों की भारी तैनाती की गई है. भारत ने आर्टिलरी गन, टैंक, हथियारबंद वाहन सीमा पर तैनात कर रखे हैं. दोनों देशों के बीच 8 राउंड की वार्ता हो चुकी है, लेकिन लद्दाख में गतिरोध का समाधान नहीं निकला.

इस मामले में भारत और चीन के बीच 9वें दौर की बातचीत देर रात ढाई बजे तक चली. 15 घंटे तक चली इस बैठक में तनाव कम करने पर बातचीत हुई. 78 दिन बाद चीन से बातचीत का कल नया दौर शुरू हुआ था और इस बातचीत से पहले ही एयरचीफ मार्शल ने चीन को दो टूक कह दिया था कि भारत को भी आक्रामक होना आता है.

नो मैन्स लैंड बनाने पर वार्ता सूत्रों के मुताबिक, 9वें राउंड की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था कि पैंगोंग झील के उत्तरी इलाकों के फिंगर एरिया को फिलहाल नो मैंन्स लैंड बनाया जाए. लद्दाख की घाटियों में तापमान इस वक्त शून्य से 30 डिग्री नीचे चला गया है. लेकिन दोनों ओर से सेनाओं में कोई कटौती नहीं हुई है. सर्दियां होने की वजह से सीमा रेखा पर शांति है, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है.

चीन ने तोड़ी संधि, LAC पर बढ़ाया जमावड़ा

इस बीच चीनी सेना ने चुपचाप एलएसी के पास तनाव वाले इलाकों में सैन्य का जमावड़ा कर लिया है, जबकि चार महीने पहले ही दोनों देशों के बीच संधि हुई थी. इसमें कहा गया था कि तनाव वाले मोर्चे पर दोनों देश सैन्य जमावड़ा नहीं करेंगे. कुछ सेक्टर्स में चीन के बढ़ते कदम को देखते हुए भारत ने एहतियातन पहले ही सुरक्षात्मक कदम उठा लिए हैं.

एयरचीफ मार्शल ने कहा था- भारत भी आक्रामक हो सकता है इंडियन एयरफोर्स चीफ (IAF) आरकेएस भदौरिया ने शनिवार को बिना चीन का नाम लिए कहा था कि यदि वे आक्रामक हो सकते हैं, तो हम भी आक्रामक हो सकते हैं. उन्होंने यह बयान चीन के LAC पर आक्रामक होने की संभावना पर दिया था.

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