द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर पर नही थम रहा विवाद, अक्षय खन्ना की ये है प्रतिक्रिया

सवाल उठाता है कि कहीं फिल्म निर्माता का कोई राजनीतिक एजेंडा तो नहीं है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस पार्टी के साथ उनके सफर पर केंद्रित आगामी फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ अपने ट्रेलर की रिलीज के साथ ही चर्चा में है.

फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे अभिनेता अक्षय खन्ना प्रतिक्रियाओं को एक बहस के रूप में देखते हैं, न कि विवाद के रूप में.

ट्रेलर फिल्म में एक राजनीतिक दल के चित्रण के बारे में बात करता है और सवाल उठाता है कि कहीं फिल्म निर्माता का कोई राजनीतिक एजेंडा तो नहीं है.

ट्रेलर को मिली प्रतिक्रिया और उसपर विवाद के बारे में पूछने पर खन्ना ने बताया, “देखिए आप इसे विवाद कहिए, मैं इसे एक बहस कहूंगा और एक लोकतांत्रिक देश में बहस होनी चाहिए.

” उन्होंने कहा, “चाहे यह मामले के पक्ष में हो या इसके खिलाफ हो, बहस को स्वीकार किया जाना चाहिए. मैं इसकी सराहना करता हूं, क्योंकि यह तय करने का अधिकार लोगों का है कि ऐसी फिल्में बनाई जानी चाहिए या नहीं.”

फिल्म में दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर मनमोहन सिंह का किरदार निभा रहे हैं. अक्षय, संजय बारू के किरदार में हैं, जिन्होंने 2004 से 2008 तक प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार के तौर पर काम किया था.

अक्षय ने कहा, “यह पहली फिल्म है, जो कि हालिया समय के नेताओं पर बनी है, उनके असली नाम हैं और सच्ची घटनाओं पर आधारित है.

ये घटनाएं सार्वजनिक हैं और लोगों को इसके बारे में बखूबी पता है.” उन्होंने कहा, “बेशक, लोगों की अपनी राय होगी और वे सोशल मीडिया, मेनस्ट्रीम मीडिया या लेख लिखकर इसके बारे में खुद को व्यक्त कर सकते हैं.”

दिवंगत अभिनेता-राजनेता विनोद खन्ना के बेटे ने कहा, “यह कहने के बाद, मुझे नहीं लगता कि यह कोई विवाद है. हम लोकतंत्र में जी रहे हैं.

” ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में अनुपम खेर, अक्षय खन्ना, सुजैन बर्नेट, अहाना कुमरा और अर्जुन माथुर प्रमुख भूमिकाओं में हैं.फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होगी.

बता दें फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर लगातार विवादों में बनी हुई है. कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई द्वारा आपत्त‍ि जताए जाने के बाद इस फिल्म के प्रोमो को रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई है.

यह याचिका दिल्ली की फैशन डिजाइनर पूजा महाजन ने अपने वकील अरुण मैत्री के माध्यम से दायर की है. याचिका में कहा गया है के प्रधानमंत्री का पद संवैधानिक पद है.

पूर्व प्रधानमंत्री की इमेज को खराब करने के लिए दिखाए जा रहे प्रोमो पर तुरंत रोक लगाई जाए, इससे पूर्व प्रधानमंत्री के साथ-साथ देश की छवि भी खराब होगी.

 

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