40 साल से मंदिर के पुजारी के रूप रह रहे हत्या के दोषी को किया गया गिरफ्तार

4 लोगों की हत्या के दोषी को गिरफ्तार कर लिया

मैनपुरी:मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र के नगला तारा गांव में 1978 में 4 लोगों की हत्या में शामिल दोषी को मैनपुरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी 40 साल से किसी मंदिर के पुजारी के रूप में भेष रखकर और नाम बदलकर रह रहा था. पकड़े गये यतेन्द्र को 40 साल पहले आजीवन कारावास की सजा हुई थी.

हत्या के बाद यतेन्द्र को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा गया था, लेकिन उसे साल 1981 में हाई कोर्ट से जमानत मिल गयी थी. जमानत मिलने के बाद यतेन्द्र फरार हो गया. इसके बाद भेष बदलकर यतेन्द्र रह रहा था. मैनपुरी पुलिस ने रिकार्ड खंगालने के बाद यतेन्द्र के ऊपर 10 हजार रूपया का इनाम घोषित किया. फिर उसे गिरफ्तार कर लिया.

क्या है पूरा मामला

मैनपुरी में 5 जून 1978 को जमीनी विवाद में किशनी थाना क्षेत्र के गांव नगला तारा में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मदन सिंह, महेन्द्र सिंह, सरमन और ललित पर रामकृपाल, राजनाथ, सुरेन्द्र, यतेन्द्र, गजेन्द्र और गोविन्द ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर सामूहिक हत्या कर दी थी.

इन छह आरोपियों में से गोविन्द को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया था, जबकि 1981 में जनपद न्यायालय ने बाकी पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुये आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. सजा के पांचों ने हाई कोर्ट में अपील कर दी, जिसके बाद पांचों को जमानत मिल गई. इसके बाद पीड़ित सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. कोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेश को सही माना.

इसके बाद पुलिस ने दो अभियुक्तों राजनाथ और सुरेन्द्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इन दोनों की केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़ में मौत हो गई, जबकि तीन दोषी रामकृपाल, यतेन्द्र और गजेन्द्र 1981 से ही अपनी चल-अचल सम्पत्ति बेचकर लगातार फरार चल रहे थे. कोर्ट बार-बार इन हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए कह रहा था.

इसी बीच पुलिस ने तीनों पर पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी रख दिया. पुलिस ने मुखबिरों का जाल फैलाया तो उसे पता चला कि यतेन्द्र पुजारी जैसा भेष रखकर किसी मंदिर में रह रहा था, लखनऊ में इसका बेटा और पत्नी रहती है, ये कभी कभार घर पर आता था, फिर पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया है.

मैनपुरी पुलिस के सूत्रों का कहना है कि यतेंद्र किसी कामख्या मंदिर में पुजारी का भेष बनाकर रह रहा था. उसका परिवार लखनऊ में रहता है, जिससे मिलने वह कभी-कभी आता है. हालांकि, पुलिस ने कामाख्या मंदिर के नाम और यतेंद्र के बदले हुए नाम का खुलासा नहीं किया है. पुलिस बाकी दो दोषियों की तलाश में लगी है.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button