अंतर्राष्ट्रीयखेल

पसीने से गेंद में चमक नहीं आ रही, बल्कि इससे गेंद का वज़न और बढ़ रहा: श्रीलंकाई टीम

श्रीलंकाई टीम के गेंदबाज़ों ने मुख्य कोच मिकी आर्थर को बताया

नई दिल्ली: कोविड-19 ब्रेक के बाद ट्रेनिंग कर रही श्रीलंकाई टीम के गेंदबाज़ों ने मुख्य कोच मिकी आर्थर को बताया कि पसीने से गेंद में चमक नहीं आ रही है, बल्कि इससे गेंद का वज़न और बढ़ रहा है.

आर्थर ने क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत में कहा, ‘गेंदबाज़ों से बातचीत करना शानदार रहा. उन्होंने बताया कि पसीना गेंद को और भारी कर रहा है, इससे गेंद में चमक भी नहीं आ रही है. शाइन के लिए लार ही सबसे बेहतर विकल्प है. लेकिन जो भी हो अब जो मुश्किल है, उससे पार तो पाना ही होगा.’

गौरतलब है कि अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने सिफारिश की थी कि जब कोरोना के बाद खेल की वापसी हो तो इसमें लार का इस्तेमाल न हो. समिति ने यह सिफारिश खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की थी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समिति के एक सदस्य श्रीलंका के कोच मिकी आर्थर भी थे.

इस बारे में आर्थर ने कहा, क्योंकि मैं आईसीसी क्रिकेट समिति का सदस्य हूं, इसलिए मुझे पता है कि लार के मुद्दे पर विचार और बहस किया जा सकता है. समिति की सिफारिश के बाद आप गेंद पर पसीने का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि यह साबित हो गया है कि असली खतरा पसीना नहीं है. समिति ने यह फैसला सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से लिया था.

वेस्टइंडीज़ और इंग्लैंड की तरह श्रीलंका भी कोरोना काल के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत करना चाहता था. श्रीलंका बोर्ड ने इसके लिए भारत और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को अपने यहां सीरीज़ खेलने के लिए प्रस्ताव भी भेजा था. हालांकि, BCCI ने अभी इस बारे में कोई फैसला लेने से साफ इनकार कर दिया है.

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