ट्रेन के ड्राइवर का बड़ा खुलासा, इमरजेंसी ब्रेक लगाया, पत्थरबाजी हुई तो बढ़ाई स्पीड

अमृतसर।

अमृतसर में शुक्रवार (19 अक्टूबर) को हुए भयानक ट्रेन हादसे की वजह बनी डीएमयू ट्रेन के ड्राइवर का बयान सामने आया है। अपना इकबालिया और लिखित बयान रविवार (21 अक्टूबर) को सौंपा है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उसने कहा कि मैंने इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे और ट्रैक पर जमा भीड़ को हटाने के लिए हॉर्न भी बजाया था। हालांकि वह हादसा रोकने में नाकाम रहा।

अपने पत्र में, ट्रेन के चालक अरविंद कुमार ने कहा कि उसके इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बाद ट्रेन रुकने ही वाली थी। लेकिन भीड़ ने ट्रेन पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। ट्रेन में सवार यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैंने ट्रेन को न रोकने का फैसला किया और अमृतसर स्टेशन पर पहुंचने के बाद ही ट्रेन को रोका। उन्होंने कहा, मैंने तत्काल इसकी जानकारी अपने संबंधित अधिकारियों को दे दी।

शुक्रवार को अमृतसर में, दशहरे का मेला देखने आए करीब 59 लोगों को ट्रेन ने रौंद दिया था। जब वे लोग रावण के पुतला दहन देखने के लिए आए थे। अपने पत्र में बाद में अरविंद कुमार ने उन परिस्थितियों का भी जिक्र किया जिनकी वजह से हादसा हुआ था।

अरविंद कुमार ने अपने पत्र में लिखा, जब ट्रेन किमी संख्या 503/11 पर पहुंची। उसी वक्त सामने से 13006 डाउन ट्रेन ने क्रॉस किया। अचानक मैंने ट्रैक पर लोगों की भारी भीड़ देखी। मैंने हॉर्न बजाया और तुरंत ही इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बावजूद कई लोग ट्रेन के नीचे आकर कुचल गए।

बता दें कि तेज रफ्तार से आ रही डीएमयू ट्रेन ने महज 10 सेकेंड के भीतर ही 59 लोगों को उनके परिवारों से छीन लिया। मारे गए सभी लोग ट्रेन की पटरियों पर खड़े होकर रावण के पुतले का दहन देख रहे थे। पंजाब सरकार ने इस मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की है। जबकि रेलवे ने कहा है कि वह इस हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं है।

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