निमोनिया नवजात बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण : डॉ. सुशील कुमार

अपोलो हॉस्पिटल में चलाया गया जागरुकता कार्यक्रम, पोस्टर प्रदर्शनी में नर्सिंग स्कूल के छात्र हुए शामिल

बिलासपुर। अपोलो हॉस्पिटल में निमोनिया : जानकारी व बचाव जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में निमोनिया की जानकारी देते हुए वरिष्ठ चिकित्सक नवजात व शिशु रोग, अपोलो हॉस्पिटल के डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि निमोनिया यानी फेफड़ों में संक्रमण, शिशु मृत्यु का एक बड़ा कारण है। पूरे विश्व में हर लगभग 20 लाख शिशुओं की मृत्यु व भारत में लगभग 10 लाख बच्चें इसके कारण काल के गाल में समा जाते हैं। नवजात बच्चों की मौत का यह सबसे बड़ा कारण है।

डॉ सुशील कुमार ने निमोनिया के लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए बताया के बच्चा बुखार, सर्दी खांसी से ग्रसित हो व उसकी सॉसें तेज हों तथा छाती में गढ्ढे पड़ने लगे तो तत्काल ही किसी अच्छे चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। निमोनिया मुख्य रूप से न्यूमोकोकस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, इसके अलावा हिब बैक्टीरिया, खसरा व इंफलुएन्जा वायरस भी इस रोग के कारण होते हैं। इसका फैलाव संक्रमण से होता है। कार्यक्रम में अशोक अग्रवाल, सीसीएन बिलासपुर के डायरेक्टर अशोक अग्रवाल व पूर्व विधायक धर्मजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।</>

इस दौरान अशोक अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में अपोलो के इस प्रयास की सराहना करते हुए अन्य बीमारियों के लिए भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर बल किया। पूर्व विधायक धर्मजीत सिंह अपोलो हास्पिटल के जागरुकता कार्यक्रम की प्रशंशा करते हुए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रचार प्रसार करने की बात कही। जागरुकता कार्यक्रम में अपोलो हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. सजल सेन, डॉ. पीके पण्डा ने भी निमोनिया पर अपनी जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें शासकीय नर्सिंग कॉलेज बिलासपुर, सन्नपाणी एकेडमी बिलासपुर, आयुष नर्सिंग कॉलेज बिलासपुर, जेईएस नर्सिंग कॉलेज बिलासपुर, आरबी नर्सिंग कॉलेज बिलासपुर के अलावा कॉलेज आॅफ नर्सिंग अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने निमोनिया के लक्षणों व बचाव पर पोस्टर प्रदर्शनी लगाई। विजेताओं को मुख्य अतिथि ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

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