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दुल्हन ने व्हील चेयर पर दूल्हे को बिठाकर लिए सात फेरे

सगाई के बाद दूल्हे के हादसे का शिकार होने के कारण जब वह अपनी व्हीलचेयर भी नहीं चला पा रहा था तो एक बार फिर दुल्हन आगे आई और मेहंदी लगे हाथों से व्हील चेयर को थामा और उसे चलाते हुए सात फेरे पूरे कराए. यह दृश्य देख कर मौजूद लोग भावुक हो गए और दुल्हन के हौसले की दाद देने लगे.

बैतूल. सगाई के बाद दूल्हे के हादसे का शिकार होने के कारण जब वह अपनी व्हीलचेयर भी नहीं चला पा रहा था तो एक बार फिर दुल्हन आगे आई और मेहंदी लगे हाथों से व्हील चेयर को थामा और उसे चलाते हुए सात फेरे पूरे कराए. यह दृश्य देख कर मौजूद लोग भावुक हो गए और दुल्हन के हौसले की दाद देने लगे.

प्रभातपट्टन के गुरुदेव सभागृह में रविवार को दोपहर गर्ग कॉलोनी बैतूल निवासी विकास उर्फ विक्की लोखंडे और प्रभातपट्टन निवासी कीर्ति उर्फ मीनाक्षी का विवाह हुआ. इनका विवाह पहले ही इसलिए चर्चा में आ गया क्योंकि दोनों की सगाई के बाद दूल्हे विक्की का एक बड़ा एक्सीडेंट हो गया था.

इससे उसके बड़े ऑपरेशन कराने पड़े और वह पूरी तरह से व्हील चेयर के भरोसे है. ऐसे नाजुक समय को देखते हुए दूल्हे और उसके परिवार ने दुल्हन कीर्ति के समक्ष प्रस्ताव भी रखा था कि वह चाहे तो अपना फैसला बदल सकती है, लेकिन उसने विक्की का साथ देने का विकल्प चुना.

इसके तहत रविवार को बैतूल से विक्की की बारात पहुंची. कार से उतरने के बाद दूल्हे विक्की को स्टेज तक व्हील चेयर से ले जाया गया. स्टेज पर भी कई लोगों ने व्हील चेयर सहित उठाकर पहुंचाया. मित्र के सहारे से खड़े होकर किसी तरह दूल्हे ने वरमाला की रस्म निभाई.

इसके बाद जब बारी आई सात फेरों की तो दर्द से कराहते विक्की ने अपने हाथों से पहिए घुमाकर व्हील चेयर को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफल नहीं हो सका. पति की यह स्थिति देख कर दुल्हन कीर्ति ने एक बार हिम्मत जुटाकर पहल की और खुद ही व्हील चेयर को चलाते हुए सात फेरे पूरे किए.

विक्की का साथ देने का फैसला लेकर पहले ही खासी सराहना पा चुकी कीर्ति का यह रूप देख कर उपस्थित घराती, बराती और अन्य सभी ने एक बार फिर उसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की. विवाह में मौजूद सभी लोगों का यही कहना था कि जिस दाम्पत्य जीवन में पत्नी इतनी समझदार, साहसी और समर्पित हो, उस परिवार पर कभी भी कोई मुसीबत नहीं आ सकती.

दुल्हन के हौसले को सभी ने किया सलाम

विवाह समारोह में मौजूद सभी लोग दुल्हन के हौसले को सलाम करते नजर आए वहीं परिवार के सदस्यों ने कीर्ति के फैसले और हौसले से खुद को गौरवान्वित महसूस किया. दुल्हन के पिता गणपतराव अम्बालकर ने कहा कि हमें गर्व है कि हमने ऐसी बिटिया पाई जिसके कदम से हमारा पूरा परिवार आज गर्व महसूस कर रहा है.

दूल्हे विक्की के चाचा मनोज लोखंडे और चाची स्मिता लोखंडे के अनुसार विक्की ने बचपन से बहुत दुख झेले, लेकिन अब उन्हें पूरा भरोसा है कि कीर्ति के आगमन के बाद इनके परिवार पर केवल खुशियों की बौछार होगी.

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