मस्जिद के चलते 10 साल से अटका था पुल, मुसलमानों के सहयोग से हटाई गई मस्जिद

राष्ट्रीय राजमार्ग 58 हाइवे के किनारे बनी मस्जिद के कारण पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा था

मस्जिद के चलते 10 साल से अटका था पुल, मुसलमानों के सहयोग से हटाई गई मस्जिद

कहते हैं जहां चाह है, वहां राह है। यह कहावत गुरुवार को एक बार फिर से सच साबित हो गई। यूपी के मुजफ्फरनगर में पिछले 10 वर्षों से एक पुल नहीं बन पा रहा है। वजह सड़क के किनारे मस्जिद का होना। पुल नहीं बनने से स्थानीय लोगों को अक्सर मुश्किलों से दो-चार होना पड़ रहा है। परेशानी का सबब बनी मस्जिद को गुरुवार को आपसी सहमति से हटा दिया गया। खास बात यह रही कि मुसलमानों ने भी जिला प्रशासन का इसमें पूरा सहयोग किया।
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गुरुवार को जिला और पुलिस प्रशासन भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन को शंका थी कि कहीं विवाद न हो। इसको देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी लेकिन मस्जिद शांतिपूर्ण ढंग से हटा दी गई। अच्छी बात यह रही की स्थानीय मुसलमानों ने खुद मस्जिद हटाने में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का सहयोग किया।

बुलडोजर से गिराई गई मस्जिद
राष्ट्रीय राजमार्ग 58 हाइवे के किनारे बनी मस्जिद के कारण पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा था। पुल का पूरा निर्माण न होने के कारण रेलवे लाइन के ऊपर बने इस फ्लाइओवर पर वन वे ट्रैफिक गुजरता था। हाइवे पर तेजी से गाड़ियां गुजरती थींं जिसके कारण यहां आए दिन सड़क हादसे और लोगों की मौत हो रही थी।

कई बार मस्जिद हटवाए जाने का प्रयास किया गया लेकिन बवाल के चलते मस्जिद नहीं हटाई जा सकी। बीजेपी की सरकार आने पर सांसद संजीव बालियान ने मस्जिद हटाए जाने के लिए फिर से प्रयास शुरू किया।

डीएम राजीव शर्मा शर्मा ने बताया कि आपसी सहमति के बाद मस्जिद हटाए जाने पर फैसला लिया गया था लेकिन पुलिस प्रशासन ने पुलिस फोर्स के पूरे इंतजाम कर रखे थे। मस्जिद हटाए जाने में मुसलमानों ने सहयोग किया।

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