केबल संचालकों पर आज होनी थी कार्रवाई, जांच टालने के लिए जीएसटी आफिसर ने मारी छुट्टी

अंकित मिंज

बिलासपुर।

मनोरंजन कर में करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाले केबल संचालकों पर आज जीएसटी विभाग के अधिकारी द्वारा कार्रवाई की जानी थी, लेकिन जांच को टालने के लिए जीएसटी विभाग के सेक्शन आफिसर ने अचानक छुट्टी मार दी। जिससे संचालकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। संबंधित अधिकारी के आने पर ही नोटिस और अन्य कार्रवाई की जाने की बात कही जा रही है।

मालूम हो कि शहर के केबल संचालक मनोरंजन कर में सरकार को हर माह करोड़ों का चूना लगा रहा थे। जिसकी शिकायत होने पर बुधवार को जीएसटी विभाग के सेक्शन आफिसर केबल संचालकों को नोटिस देने और अन्य कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन अचानक अधिकारी के छुट्टी पर चले जाने के बाद केबल संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।

हालांकि जीएसटी आयुक्त ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक लेकर जीएसटी के नियमों के तहत मनोरंजन कर चोरी करने वाले डीलरों के खिलाफ हैवी पेनाल्टी और लायसेंस निरस्तीकरण के आदेश जारी किए हैं। मनोरंजन कर के नाम पर प्रति माह लाखों रुपए की लूट करने वाले सीसीएन समेत अन्य चैनलों के खिलाफ प्रदेश की जीएसटी कमिश्नर संगीता पी. ने रायपुर में अधिकारियों की बैठक कर मनोरंजन और सेवा कर में अफरातफरी करने वाले केबल संचालकों के खिलाफ जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

ज्ञात हो कि शहर के तीन केबल संचालकों द्वारा 94 हजार ग्राहकों की संख्या बता महज 17 लाख का मनोरंजन कर जमा कर प्रति महीने 25 लाख रुपए की कर चोरी की जा रही है। सीसीएन हैथवे प्राइवेट लिमिटेड के ग्राहकों की संख्या 57 हजार, भाटिया चैनल्स के 12 हजार और गुंबर चैनल के ग्राहकों की संख्या 25 हजार विभाग में दर्शाया गया है।

मनोरंजन शुल्क के नाम पर सीसीएन द्वारा 10.25 लाख, भाटिया द्वारा 2.16 लाख और गुंबर द्वारा 4.50 लाख रुपए मनोरंजन शुल्क जमा किया जा रहा है। जबकि सही संख्या 2 लाख से अधिक होने की सूचना विभाग के पास है। लेकिन जांच प्रक्रिया जटिल होने या किसी अन्य कारणें से विभाग इन पर हाथ डालने से कतरा रहा है। अब जीएसटी आयुक्त के फरमान के बाद इन पर नकेल कसे जाने की तैयारी है।

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