एक बाउंसर बनी उभरते हुए खिलाड़ी फिलिप ह्यूज की मौत का कारण

ग्राउंड पर बाउंसर से हुई थी फिलिप ह्यूज की मौत फूट-फूटकर रोए थे क्लार्क|

एक क्रिकेटर की मौत ने क्रिकेट वर्ल्ड को हिलाकर रख दिया था. 27 नवंबर 2014 को ऑस्ट्रेलिया के उभरते हुए खिलाड़ी फिलिप ह्यूजका निधन ग्राउंड पर ही हो गया था.

उनकी मौत का कारण एक बाउंसर बनी थी. इस हादसे को क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा हादसा माना जाता है. महज 25 साल की उम्र में फिलिप ह्यूज ने अपनी जान गंवा दी थी. 2014 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर शेफील्ड शील्ड गेमखेला गया था.

साउथ ऑस्ट्रेलिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच मैच खेला जा रहा था. फिलिप ह्यूज बल्लेबाजी कर रहे थे. सीन एबॉट की बाउंसर उनके हेलमेट के पास लगी और वो वहीं बेहोश हो गए. तीन दिन तक सिडनी अस्पताल में उन्होंने जिंदगी की जंग लड़ी और उनकी मौत हो गई. आज उनकी चौथी डेथ एनीवर्सिरी है.

क्रिकेट वर्ल्ड उनको याद कर रहा है. उनकी मौत के बाद उस वक्त ऑस्ट्रेलिया टीम के कप्तान माइकल क्लार्क ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. जहां वो फूट-फूटकर रोए थे. उस वक्त पूरी मीडिया वहां मौजूद थी. माइकल क्लार्क, स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर उनके सबसे खास दोस्त थे.

टिप्पणियांमाइकल क्लार्क ने कहा- फिलिप ह्यूज की मौत के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था

न्यू साउथ वेल्स में जन्में फिलिप ह्यूज ने ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 26 टेस्ट और 25 वनडे खेले थे. उनको ऑस्ट्रेलियन टीम का उभरता हुआ खिलाड़ी बताया जा रहा था.

जिस वक्त ये हादसा हुआ वो 63 रन बनाकर खेल रहे थे. लोग उनको #63notout हैशटैग से याद कर रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में जब भी कोई खिलाड़ी 63 रन बनाता है तो फिलिप ह्यूज को याद किया जाता है.

 

 

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