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ई-व्हीकल पर लाना चाहती है केंद्र सरकार

नई दिल्ली : इन दिनों बैट्री से चलने वाले वाहनों की मांग इन दिनों बढ़ती जा रही है. ई-रिक्शा के सड़कों पर आने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर संभावनाएं शायद और भी ज्यादा बढ़ सकती हैं. साथ ही प्रदूषण को लेकर एनजीटी ने जिस तरह से डीजल वाहनों पर रोक लगाई थी उसे देखते हुए भविष्य में बैट्री से चलने वाले वाहनों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है.

इंडिया इंक ने कसी ज्यादा ई-वाहन के निर्माण के लिए कमर
ऐसे में इंडिया इंक ने भी इलेक्ट्रानिक वाहनों को बनाने के लिए कमर कस ली है. इंडिया इंक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बैट्री से चलने वाली कारों और ऑटो बनाने में भी बड़ा निवेश करने पर विचार कर रहा है.

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने 50 से ज्यादा देशी विदेशी कंपनियों से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को देश में विकसित किए जाने के बारे में बात की है. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस समय देश के वाहन उद्योग की बड़ी जरूरत है. अधिकारियों के अनुसार ओला और ऊबर जैसी कंपनियां भी तेजी से बैट्री चालित गाड़ियों और ई रिक्शे को लेकर पर लीज पर देने का विचार भी कर रही हैं.

ई व्हीकल स्टेशन लगाने की कंपनियों की योजना
सरकार के ई-वाहन प्रोग्राम से जुडे हुए एक टॉप अफसर के अनुसार टाटा पावर, एबीबी, एसीमई क्लीनटेच और कुछ डच फर्में ई व्हीकल स्टेशन स्थापित करने के बारे में गंभीरता से विचार कर रही हैं. जबकि एक्साइड, अरमान और माइक्रोटेक बैट्री सप्लाईंग के लिए बल्क स्टेशन स्थापित करने के बारे में विचार कर रही हैं जिन पर मोटरसाइकिल वाले खाली बैट्रीरियों को छोड़कर नई बैट्रीरियां ले जा सकें.

एनटीपीसी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन भी कर रही हैं स्टेशन लगाने पर विचार
साथ ही एनटीपीसी और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन भी दिल्ली मेट्रो कार्पोरेशन के साथ मिलकर करीब आधा दर्जन शहरों में बैट्री चार्ज करने के लिए स्टेशन बनाने के बारे में बात कर रही है. एनटीपीसी के अधिकारी के अनुसार अभी देश में है जो हालत बैट्री चालित वाहनों की दरअसल वही हालत चार्जिंग स्टेशंस की भी है. दोनों ही अभी बेहद ही कम मात्रा में देश मे अपनी उपस्थिति दर्ज करा पाए हैं. चूंकि अभी वाहनों की संख्या कम है इसलिए कंपनियां भी इस सेक्टर में जाने से डरती है.

बैट्री चालित वाहनों के लिए जल्द आएंगे टेंडर
सरकार जल्द ही बैट्री चालित वाहनों 2 व्हीलर्स, 3 व्हीलर्स और ई रिक्शों को संख्या बढाने के लिए टेंडर्स जारी करने वाली है और उम्मीद है कि बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीवीएस और पियाजियो एप के इस मामले में सबसे बड़ी बोली लगाने वाले हैं.

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