Uncategorized

इस चमत्कारी मंत्र के जाप से तुरंत पूरे होंगे आपके बिगड़े काम

इस मंत्र का विशेष महत्व है

आज कल के इस भागदौड़ भरे जीवन में हर कोई बुलंदियों को छूना चाहता है। कोई ऐसा इंसान नहीं है जो सफल न होना चाहता हो। इसी सफलता के चलते लोग बहुत कुछ करते हैं।

लेकिन कई लोगों के मेहनत करने के बाद भी वो सफलता से अछूते रहते हैं। लगातार प्रयास के बाद हमे सफलता नहीं मिल पाती तो हम तनावग्रस्त रहने लगते हैं और फिर हमारा मन उस काम में नहीं लगता।

लेकिन इसके साथ-साथ ईश्वर को खुश करने के लिए कई तरह के पूजा-पाठ और उपाय आदि करते हैं। इन सबमें मंत्र जाप को भी बहुत महत्व दिया जाता है।

ज्योतिष के मुताबिक बुध ग्रह बुद्धिमत्ता और बोलने की क्षमता को नियत करते हैं।

कहा जाता है कि बुध का शुभ प्रभाव किसी भी आम व्यक्ति को विद्वान, शिक्षक, कलाकार और सफल व्यवसायी बना सकता है।

लिंग पुराण के अनुसार बुध चंद्रमा और रोहिणी की संतान हैं। जबकि विष्णु पुराण के मुताबिक बुध चंद्रमा और बृहस्पति की पत्नी तारा की संतान है। बुध का देव स्वरूप चार भुजाधारी है और उनका वाहन सिंह है।

यही कारण है बुद्धि, मानसिक शक्ति के साथ ही वैभव व धन कामना पूरी करने के लिए प्रकृति को ईश्वर का स्वरूप मानने वाली सनातन परंपरा में बुध ग्रह के देव रूप की उपासना के लिए ही बुधवार का महत्व बताया गया है। जानिए बुध देव की प्रसन्नता लिए एक आसान मंत्र व पूजा विधि-

सुबह स्नान कर किसी नवग्रह मंदिर या घर के देवालय में बुधदेव की मूर्ति की पंचोपचार पूजा करें।

पूजा में खासतौर पर हरी पूजा सामग्री चढ़ाएं। गंध, अक्षत, फूल के अलावा हरे वस्त्र अर्पित करें। गुड़, दही और भात का भोग लगाएं।

धूप और अगरबत्ती, दीप जलाकर पूजा-आरती करें।

पूजा या आरती के बाद बुध देव के नीचे लिखे आसान मंत्र का यथाशक्ति जप करें। कम से कम 108 बार मंत्र जप अवश्य करें-

ॐ बुधाय सोमसुताय नम:

बुध ग्रह की पूजा के अलावा बुधवार को श्री गणेश की भी पूजा करें और पूजा में विशेष रूप से सिंदूर, दुर्वा, गुड़, धनिया अर्पित करें। मोदक का भोग लगाएं। दोनों देवताओं की धूप, दीप आरती करे मंगल कामना करें।

Tags
Back to top button