कुरूद में आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना की समीक्षा की

राजशेखर नायर

धमतरी. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से शुरू हुई मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने कलेक्टर श्री रजत बंसल ने आज दोपहर आयोजित कार्यशाला में सेक्टर सुपरवाइजर तथा आंगनबाड़ी कार्यकताओं से कहा कि कुपोषण एवं एनीमिया जैसी गम्भीर समस्याओं से शत-प्रतिशत बच्चों को बाहर लाना ही शासन का उद्देश्य है।

यह तभी संभव होगा, जब लोगों का अधिकाधिक प्रत्यक्ष तौर पर जुड़ाव हो। जनपद पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में सभी बच्चों, शिशुवती एवं गर्भवती महिलाओं की उपस्थिति सुनिश्चित हो, साथ ही सुपोषण संबंधी गतिविधियों का सतत् क्रियान्वयन हो। उन्होंने केन्द्रों में अण्डा वितरण के बारे में पूछा तो सभी ने कहा कि अण्डे के वितरण का सकारात्मक प्रभाव लोगों में पड़ा है। सभी केन्द्रों उपस्थिति बढ़ी है तथा बच्चों का वजन भी बढ़ रहा है।

इसके अलावा कलेक्टर ने रिकाॅर्ड संधारण करने, फ्लेक्स पर योजनाएं अंकित करने के भी निर्देश दिए। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रेणु प्रकाश ने बताया कि योजना के तहत कुरूद विकासखण्ड के नौ सेक्टर में 31 आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज 255 गर्भवती महिलाएं, 179 शिशुवती तथा 686 बच्चे तीन से छह साल के बीच के हैं।

जिनकी औसत उपस्थिति क्रमशः 75 प्रतिशत, 67 तथा 84 प्रतिशत है। इसी तरह मगरलोड विकासखण्ड में योजनांतर्गत सात सेक्टर के 24 आंगनबाड़ी केन्द्र में 177 गर्भवती, 131 शिशुवती महिला और 565 तीन से छह साल के बच्चों में से क्रमशः 65 प्रतिशत, 68 प्रतिशत तथा 73 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। कलेक्टर ने उक्त संख्या को शत-प्रतिशत तक लाने के लिए सतत् xप्रयास जारी रखने के निर्देश सेक्टर सुपरवाइजरों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए। इस अवसर पर सीएमएचओ डाॅ. डी.के. तुर्रे, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश, एसडीएम कुरूद श्री जितेन्द्र कुर्रे सहित विभागीय अमला उपस्थित था।

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