बिशप के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली ननों को चर्च ने हटाया

-पांच ननों ने कोच्चि में 13 दिनों तक किया था प्रदर्शन

वायनाड।

सायरो मालाबार कैथलिक चर्च की एक नन ने आरोप लगाया है कि बलात्कार के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोच्चि में ननों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उसे चर्च की ड्यूटी से दूर रहने के लिए कहा गया है। इससे पहले नन से बलात्कार मामले में आरोपी बिशप को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

-मदर सुपीरियर ने चर्च की किसी भी गतिविधि में शामिल होने से रोका

कोच्चि से रविवार की सुबह यहां लौटी नन ने दावा किया कि उसे मदर सुपीरियर ने मौखिक रूप से सूचित किया है कि वह प्रार्थना कराने और चर्च से संबंधित अन्य ड्यूटी से दूर रहेंगी। नन ने से कहा,ह्यमुझे कोई लिखित आदेश नहीं दिए गए हैं। मुझे मदर सुपीरियर ने चर्च की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होने के लिए मौखिक रूप से सूचित किया है। प्रतिक्रिया के लिए चर्च से संपर्क नहीं किया जा सका है।

बता दें कि पांच ननों ने कोच्चि में केरल हाई कोर्ट के पास 13 दिनों तक प्रदर्शन किया था और एक नन के साथ बलात्कार के आरोपी बिशप की गिरफ्तारी की मांग की थी। नन ने कहा,मैंने न तो कुछ गलत किया है और न ही चर्च के खिलाफ कुछ किया है। इस निर्णय के लिए कोई कारण नहीं दिया गया है। चर्च की ओर से भी इसे लेकर कोई जवाब नहीं आया है।

-85 दिन बाद हुई बिशप की गिरफ्तारी

गौरतलब है कि आरोपी बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के 85 दिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले 28 जून को कुराविलंगड़ थाने में रेप पीड़िता का बयान दर्ज किए जाने के बाद बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

-बिशप ने लगाया था साजिश का आरोप

बता दें कि पीड़िता नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने 2014 से 2016 के बीच कई बार उनके साथ रेप किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद बिशप ने अपने बचाव में कई तर्क दिए। उन्होंने यहां तक कहा कि उनसे बदला लेने के लिए यह शिकायत की गई है। बिशप ने नन के खिलाफ जांच करने की भी अनुमति मांगी थी।

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