छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने किया चिकित्सा शिविर के साथ ही घर-घर सर्वेक्षण

रायपुर : राज्य सरकार ने सूरजपुर जिले के ग्राम कोल्हुआ (विकासखण्ड-ओडग़ी) में विभिन्न कारणों से अलग-अलग तारीखों में सात लोगों की आकस्मिक मृत्यु की सूचनाओं को संज्ञान में लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में बुखार पीडि़तों के सघन और समुचित इलाज की व्यवस्था की गई है। लगभग एक हजार 140 की जनसंख्या वाले इस गांव में 230 मकान हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा शिविर लगाया गया है। कलेक्टर सूरजपुर के.सी. देवसेनापति ने सूचना मिलते ही खुद इस गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तत्परता से उठाए गए कदमों के फलस्वरूप गांव में अब स्थिति नियंत्रण में आ गई है। सर्वेक्षण के साथ-साथ ग्राम कोल्हुआ सहित आसपास के गांवों में भी मच्छर नाशक दवाई का युद्धस्तर पर छिड़काव किया जा रहा है।
नया रायपुर स्थित स्वास्थ्य संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि ग्राम कोल्हुआ में 23 जुलाई से 27 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों में बुखार की वजह से पांच लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि 22 वर्षीय एक महिला की मृत्यु प्रसव के बाद और 62 वर्षीय एक महिला की मृत्यु वृद्धावस्था के कारण स्वाभाविक रूप से हुई है। स्वास्थ्य संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि ग्राम कोल्हुआ में इन मौतों की सूचना मिलते ही सूरजपुर के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से वहां मेडिकल टीम भेजी गई, जिसमें शामिल चिकित्सा कर्मियों ने घर-घर जाकर 149 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें से 39 लोग बुखार से पीडि़त पाए गए, उनके खून की जांच में 11 पीएफ के पाजीटिव मरीज मिले। कत्र्तव्य के प्रति लापरवाही की शिकायत मिलने पर सूरजपुर कलेक्टर ने दो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आर.एस. सिंह और चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिद्धीकी की ओर से पैरा मेडिकल कर्मचारियों के साथ गांव में शिविर लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा घर-घर सघन सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान सात लोगों की मृत्यु की जानकारी मिली। इनमें से डेढ़ साल के शिरपति (पिता रामसागर) की 23 जुलाई को, छह वर्ष उम्र की शांति (पिता शंकर दयाल) की 24 जुलाई को, सात वर्ष की नमिता (पिता उमेश्वर) की 27 जुलाई को, सात वर्ष के रोहित (पिता रामविलास) की 27 जुलाई को और दस वर्ष की रीता (आत्मज शंकर) की भी 27 जुलाई को बुखार के कारण मृत्यु होना पाया गया, जबकि 22 वर्षीय फूलमति की मृत्यु 25 जुलाई को प्रसव के उपरांत हुई। उन्हें गर्भावस्था के कारण बैढऩ के अस्पताल में 25 जुलाई को ही भर्ती किया गया था। इनके अलावा 62 वर्षीय बिट्टी बाई वृद्धावस्था के कारण स्वाभाविक मृत्यु हुई। ग्राम कोल्हुआ उपस्वास्थ्य केन्द्र मोहली और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिहारपुर का आश्रित गांव है। कोल्हुआ में दो मितानिनें कार्यरत हैं, उनके पास प्राथमिक उपचार के लिए पर्याप्त दवाईयां उपलब्ध हैं।

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