कमिश्नर ने धान उपार्जन केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण, दिए ये निर्देश

रायपुर:

रायपुर संभाग के आयुक्त जी.आर. चुरेन्द्र ने रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के रीवा, भानसोज और गुल्लू धान उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर वहां समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी कार्य का जायजा लिया।

उन्होंने धान खरीदी केन्द्रों से समय पर धान का उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश समिति प्रबंधकों और विभागीय अधिकारियों को दिए है।

चुरेन्द्र ने कहा कि धान के उठाव के लिए नियमित रूप से डीओ और आरओ को काटा जाए ताकि किसी भी हालात में धान उपार्जन केन्द्रों में धान जमा न होने पाए।

उन्होंने कहा कि अधिक मात्रा में धान जमा होने से खरीदी प्रभावित होती है इसका विशेष ख्याल रखा जाए।

संभागायुक्त  चुरेन्द्र ने इस अवसर उपार्जन केन्द्र में उपस्थित किसानों से चर्चा कर खरीदी व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।

इस अवसर पर जिला विपणन अधिकारी और सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं भी उपस्थित थे।


कमिश्नर चुरेन्द्र ने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि धान खरीदी केंद्रों से सीधे राईस मिलों में जाए और वहां उपलब्ध भण्डारण क्षमता अनुरूप धान का संग्रहण कराया जाए और उसी के अनुरूप कस्टम मिलिंग से प्राप्त चांवल का उठाव नियमित रूप से हो ताकि धान उपार्जन केन्द्रों में ज्यादा धान जमा न हो सके।

बाहर से आने वाले धान की धरपकड़ के लिए विशेष चौकसी बरती जाए और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए अतिरिक्त अधिकारी-कर्मचारियों की डियूटी लगायी जाए।

चुरेन्द्र ने कहा है कि दूसरे की ऋण पुस्तिका में कोई दूसरा धान न बेच पाए इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ऐसे प्रकरणों पर जांच टीम को मौके पर भेजकर उसका सत्यापन और पंचनामा भी तैयार कराया जाए।

गंभीर शिकायत मिलने पर उसकी जांच होने तक धान खरीदी भुगतान को लंबित रखा जाए। 
कोचियों और अनिमितता करने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारी जो मंडी लायसेंसी होने के आधार पर धान खरीदते है उनके स्टॉक की हर सप्ताह जांच कर बी-1 पंजी में स्टाक की एंट्री कराया जाए और वह सीधे राईस मिलर के यहां धान बेचे या उसके मंडी प्रांगण में बिक्री की व्यवस्था की जाए।

कमिश्नर ने कहा कि ऐसे व्यापारी और कोचिया जो बिना मंडी लायसेंस के धान खरीद रहे हो उनके कारोबार को अवैध मानते हुए उनके विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

धान खरीदी कार्य से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने निर्धारित मुख्यालयों में रहे यह सुनिश्चित किया जाए।

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