समिति में बाहर का धान आने पर समिति प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराएं: कलेक्टर

कलेक्टर ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक

अम्बिकापुर।

कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु जिला अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिया।

उन्होंने जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि बाहर से आने वाले धान पर कड़ी निगरानी रखें तथा किसी भी समिति में बाहर का धान आने पर तत्काल संबंधित समिति प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही करें।

उन्होंने कहा कि 21जनवरी 2019 से धान का बढ़े हुए समर्थन मूल्य 2500 रूपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने कहा कि समितियों से धान के तीव्र गति से उठाव के लिए परिवहन हेतु गाड़ियों की संख्या बढ़ायें तथा दिन में परिवहन की व्यवस्था करायें।

उन्होंने कहा कि आगामी 28 फरवरी 2019 तक समितियों से धान का उठाव पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जिले में अल्पकालीन कृषि ऋण माफी की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक,छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक तथा अन्य वाणिज्यिक बैंकों से किसानों द्वारा लिये गये कृषि ऋण की राशि माफ करने हेतु राज्य शासन के निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही करें।

इसी प्रकार उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए केवाईसी करने की गति में तेजी लाने के निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतवार पात्र हितग्राहियों की सूची अनुसार केवाईसी पूर्ण कराने के लिए गैस ऐजेंसी संचालकों के साथ समन्वय करें। इसके साथ ही खाद्य निरीक्षक ग्रामीण क्षेत्रों का सतत् रूप से भ्रमण कर हितग्राहियों की समस्याओं की जानकारी लेकर निराकरण करायें। ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेण्डरों के रिफिलिंग के लिए भी समुचित व्यवस्था उपलब्ध करायें।

कलेक्टर ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि तहसीलवार बंटवारा एवं नामांतरण के प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने हेतु पटवारियों को विशेष अभियान चलाने हेतु निर्देशित करें।

उन्होंने कहा कि राज्य शासन के निर्देषानुसार अब पाँच डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री भी किया जाना है। जमीन रजिस्ट्री के पश्चात नामांतरण की कार्यवाही में पटवारियों द्वारा अनावष्यक विलंब न करते हुए जमीन की रजिस्ट्री होने के पश्चात पटवारी एक सप्ताह में ईष्तहार जारी कर जमीन का नामांतरण करना सुनिष्चित करें।

कलेक्टर ने प्रत्येक गाँव में गौठान एवं चारागाह के लिए जमीन आरक्षित करने हेतु उपयुक्त जमीन का चिन्हांकन करने के निर्देष दिये। उन्होंने कहा कि जिन गाँवों में गौचर जमीन उपलब्ध नहीं है, ऐसे गाँव के लिए सामुदायिक पट्टे के तहत आबंटित जमीन को गौठान एवं चारागाह के लिए आरक्षित करें। इसके साथ ही जहाँ छोटे बड़े झाड़ वाले जमीन हैं उसे भी चारागाह या गौठान के लिए आरक्षित करें।

बैठक में जिला पंचायत सरगुजा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता गांधी, अपर कलेक्टर निर्मल तिग्गा एवं चंद्रकांता ध्रुव, सहायक कलेक्टर आकाश छिकारा, अम्बिकापुर के अनुविभागीय दण्डाधिकारी अजय त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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