जर्मनी की एक मशहूर टीवी रिपोर्टर को कंपनी ने निकालने का किया फैसला

इस रिपोर्टर का एक वीडियो वायरल हो गया था

नई दिल्ली:जर्मनी की एक टीवी रिपोर्टर ने यह दिखाने के लिए कि वह बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों की मदद कर रही हैं, झूठी कहानी रच डाली. लेकिन बदकिस्मती से पास से गुजर रहे एक व्यक्ति ने सच्चाई को कैमरे में कैद कर लिया. इसके बाद जब रिपोर्टर का झूठ दुनिया के सामने आया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया.

39 साल की सुजैना ओहलेन जर्मनी के शहर Bad Munstereifel में एक टीवी रिपोर्ट को शूट कर रही थीं और इसी लोकेशन से उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है. ये क्षेत्र बाढ़ से काफी प्रभावित हुआ है. जर्मनी में अब तक इस बाढ़ से 188 लोगों की मौत हो चुकी है.

इस फुटेज में ओहलेन ब्लू शर्ट, हैट और बूट्स के साथ देखी जा सकती हैं. वे अपने हाथ में मिट्टी लेती हैं और वीडियो में ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने ये मिट्टी अपने कपड़ों पर लगाई है. वे एक बार फिर झुकती हैं और इस बार अपने चेहरे पर थोड़ी सी मिट्टी लगा लेती हैं.

ओहलेन के इस कारनामे को एक स्थानीय शख्स ने कैमरे पर कैद कर लिया. उसे बैकग्राउंड में हंसते हुए भी सुना जा सकता है. ओहलेन इसके बाद अपना चेहरा कैमरे क्रू की तरफ करती हैं और अपनी रिपोर्ट बनाने लगती हैं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद ओहलेन पर एक्शन लिया गया है.

गौरतलब है कि ओहलेन साल 2008 से आरटीएल के लिए काम कर रही हैं और वे गुड इवनिंग आरटीएल, गुड मॉर्निंग जर्मनी और प्वाइंट 12 जैसे शो को होस्ट कर चुकी हैं. ओहलेन इंस्टाग्राम पर भी लोकप्रिय हैं और उनके करीब 40 हजार फॉलोअर्स हैं.

इस वीडियो के सामने आने के बाद ओहलेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर माफी भी मांगी है. उन्होंने कहा कि ये गंभीर गलती थी और उन्हें अपने कपड़ों पर मिट्टी को नहीं लगाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि मैं पिछले कुछ दिनों से प्राइवेट तौर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों की मदद कर रही थी.

उन्होंने आगे लिखा- मैं दरअसल वहां साफ कपड़ों में काफी शर्म महसूस कर रही थी क्योंकि मेरे आसपास लोगों के हालात खराब थे. आम लोगों के साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े लोगों के कपड़े भी धूल-मिट्टी से सने हुए थे. यही कारण है कि मैंने भी अपने चेहरे और मुंह पर मिट्टी लगाने से पहले एक बार भी नहीं सोचा.

इस वीडियो के सामने आने के बाद आरटीएल ने बयान जारी किया है. आरटीएल की प्रवक्ता ने इस बयान में कहा गया था कि हमारे रिपोर्टर के एक्शन हमारे जर्नलिज्म के सिद्धांतों से किसी भी तरह से मेल नहीं खाते हैं. यही कारण है कि हमने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. बता दें कि आरटीएल को जर्मनी के सबसे बड़े प्राइवेट ब्रॉडकास्टर में शुमार किया जाता है.

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