अति जर्जर की स्थिति में है प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय की हालत

कही इतने जर्जर हैं कि उसे तोड़ देना ही उचित होगा

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में बतौर शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह के विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की हालत देखते हुए बहुत ही दुख हो रहा है। स्कूलों की जर्जर हालत बहुत ही चिंताजनक है।

वहां की टूटी हुई दीवारों से रोशनी अंदर आती है भय के साए में बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कही भवन हैं ही नही तो कही इतने जर्जर हैं कि उसे तोड़ देना ही उचित होगा।

जर्जर भवन की हालात के बारे में शिक्षा विभाग भी अवगत

पहली तस्वीर जो आप देख रहे हैं फटी हुई दीवारों में नीचे बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं यह तस्वीर प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड वाड्रफनगर का है जहां से प्रेमसाय सिंह चुनाव जीतकर छत्तीसगढ़ शासन में बतौर शिक्षा मंत्री के पद पर हैं। यहां बच्चे डरे सहमे रहते हैं। जर्जर भवन की हालात के बारे में शिक्षा विभाग भी अवगत है परंतु इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

वही दूसरी तस्वीर जो है वाह इसी विकासखंड का है जहां भवन अति जर्जर होने की वजह से विद्यालय पंचायत भवन की शरण में चला गया बच्चे अब पिछले कई सालों से पंचायत भवन में ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं यह ग्राम कोल्हुआ दलकी पारा का है।

13 14 ऐसे स्कूल हैं जिन्हें डिस्मेंटल करने की आवश्यकता

वही जब पूरे विकासखंड के स्थिति जाननी चाही तो विकासखंड शिक्षा अधिकारी राम ललित पटेल ने बताया कि पूरे विकासखंड में पूरे विकासखंड में 9 ऐसे स्कूल हैं जो भवन विहीन के कगार पर आ गए हैं और लगभग 13 14 ऐसे स्कूल हैं जिन्हें डिस्मेंटल करने की आवश्यकता है।

अब जो तीसरी तस्वीर है वह विकासखंड मुख्यालय के बगल की है जहां से प्रतिदिन अधिकारी कर्मचारी गुजरते हैं यहां के हालात बद से बदतर कहा जाए तो गलत नहीं होगा टूटी हुई बलिया खपरैल से भयभीत बच्चे अपनी शिक्षा इसी के नीचे ग्रहण करते हैं।

विकासखंड के सबसे पुराने प्राथमिक शाला का हाल बेहद ही नाजुक बना है यहां से शिक्षा ग्रहण कर कई डॉक्टर कई इंजीनियर कई नेता अपनी कुर्सी संभाल रहे हैं वही चुनाव में भी या विद्यालय अहम भूमिका निभाते हुए नेताओं के भाग्य का फैसला करने हेतु अपने दरवाजे खोल दिए यहीं से कई चुनाव हुए हैं लेकिन इसकी स्थिति नजर नहीं आई।

इस पर जिला के कलेक्टर संजीव कुमार झा ने कहा कि आने वाले समय में जब बरसात खत्म होगी तब इन विद्यालयों की समीक्षा की जाएगी और जर्जर भवन जो है अगर कोई सुधार कार्य के लायक होंगे तो कराया जाएगा यदि भवन की आवश्यकता हुई तो अतिरिक्त भवन दिया जाएगा।

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