शासकीय स्कूलों की हालत खराब, शिक्षा विभाग ने जीर्णाेद्धार के लिए मांगे थे 12 करोड़, नहीं मिले

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बिलासपुर।

बिलासपुर में स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं है। शिक्षा विभाग ने इनके जीर्णाद्धार के लिए सरकार से पैसे मांगे थे। इसके बावजूद उन्हें नहीं मिले। स्थिति यह है कि यही शहर के वे प्रमुख मतदान केंद्र हैं, जहां कोई पांच हजार वोटर्स 20 नवंबर को वीवीपैट मशीन में वोट डालकर अपनी सरकार चुनेंगे। यहीं पीठासीन अधिकारी ठहरेंगे और तमाम औपचारिकताएं निभाई जाएंगी।

इन स्कूलों की बदहाली देखने वाले लोग कहते हैं, अफसरों ने पहले ध्यान दिया होता तो यह स्थिति नहीं आती। इसके कारण ही उन्हें और उन बच्चों को यहां पढ़ने में परेशानी होगी, जिन्होंने यहां एडमिशन लिया है।

इसके अलावा चुनाव से जुड़े दूसरे अधिकारी भी यहीं रुककर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करेंगे। ऐसे हालात में उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना होगा। बड़े अफसरों ने इन स्कूलों में पेयजल और चुनाव से जुड़े दूसरे मामलों की रिपोर्ट मांगी है। पर अभी यहां व्यवस्था को लेकर कोई भी बात अमल में नहीं लाई गई है।

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