छत्तीसगढ़

गली-गली घूमकर नारा लगाने वाली कांग्रेस हिन्दुस्तान के नक्शे से साफ : रमन

रायपुर/कवर्धा : ये अजीब बात है, पहले बोनस देना होगा, देना होगा का गली-गली में नारा लगाने वाले अब कहां चले गए। कांग्रेसी नारा लगाते रहे और कांग्रेस हिन्दुस्तान के नक्शे से साफ हो गई। गरीबी हटाने का नारा लगाने वाले लोग कहां गए। जवाब दे कांग्रेस कि, 70 साल में उन्होंने क्या किया? मैं पूछता हूं , फिर छत्तीसगढ़ में 60 प्रतिशत लोग आज भी बीपीएल श्रेणी के नीचे क्यों हैं ? उक्त बातें मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शुक्रवार दोपहर कवर्धा में बोनस तिहार कार्यक्रम में कही। उन्होंने कबीरधाम जिले के 50 हजार से अधिक किसानों के खातों में 68 करोड़ 76 लाख रुपए बोनस की राशि डाली। इस दौरान उन्होंने कहा कि, अबकी बार मैं बटन दबा रहा हूं, 2018 में आप लोग बटन दबाना और भाजपा की सरकार बनाना। उन्होंने प्रतीक स्वरूप कई किसानों को धान बोनस प्रमाण-पत्र भी सौंपा। सभी किसानों को बोनस तिहार की बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में सूखे की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलते ही तत्काल यहां के किसानों को बोनस देने की मंजूरी दी ताकि किसान दीपावली अच्छे से मना सके। जब किसानों को बोनस बांटा जा रहा है तो वे लोग कहां गए जो नारा लगाकर चेहरा चमकाते थे, बोनस घोषित होते ही उनके चेहरे फ्यूज हो गए। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी। 2000 से 2003-04 तक क्यों कांग्रेस ने बोनस नहीं दिया। बोनस के एक रुपए भी नहीं दिए और बोनस-बोनस चिल्ला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि, किसान मेहनत, परिश्रम कर अपना पसीना बहाता है तो अन्न का एक-एक दाना मिलता है।

114 करोड़ 45 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जिला मुख्यालय कवर्धा में बोनस तिहार पर जिले में विभिन्न सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 114 करोड़ 45 लाख रुपए के 47 विभिन्न निर्माण कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इनमें से 16 करोड़ 22 लाख रुपए के 16 पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण और 98 करोड़ 23 लाख रुपए के 31 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने गन्ना उत्पादक किसानों को धान के बोनस के साथ 13 करोड़ रुपए के गन्ने का बोनस भी दिया।

किसानों का अनाज पानी में डुबा-डुबा कर खरीदा जाता था : मुख्यमंत्री ने कहा कि, पहले किसानों का अनाज पानी में डुबा-डुबा कर खऱीदा जाता था। वर्ष 2003 से 2017 के बीच विगत लगभग 14 साल में राज्य सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए बहुत कुछ किया है। सहकारी बैंकों में कृषि ऋणों पर ब्याज दर 14-15 प्रतिशत तक हुआ करता था, जिसे क्रमश: घटाते हुए हमने शून्य प्रतिशत कर दिया है। अब किसानों को खेती के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है। किसानों को डेढ़ी-बाढ़ी जैसे ब्याज के जंजाल से मुक्ति मिली है। सहकारी समितियों में धान उपार्जन सात लाख टन से बढ़कर 70 लाख टन तक पहुंच गया है। हमने ग्यारह हजार करोड़ रुपए धान खरीदने की व्यवस्था की है।

ये रहे मौजूद : मुख्यमंत्री के साथ कवर्धा के बोनस तिहार में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, लोकसभा सांसद अभिषेक सिंह, संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी, विधायक अशोक साहू सहित डॉ. अनिल जैन और विभिन्न संस्थाओं के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में किसान उपस्थित थे।

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