छत्तीसगढ़

डॉक्टर्स व मेडिकल स्टॉफ का योगदान सदा रखा जायेगा याद -कलेक्टर श्री भीम सिंह

हिमालय मुखर्जी

रायगढ़: कलेक्टर श्री भीम सिंह ने जिले में कार्यरत समस्त डॉक्टर एवं मेडिकल स्टॉफ को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की शुभकामनाएं दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आज जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को संभाले तथा कोरोना मरीजों के इलाज में दिनरात जुटे हुए सभी डॉक्टर्स, नर्स, वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मचारियों का दिल से धन्यवाद। आप सभी का इस कठिन समय में योगदान सदा याद रखा जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर्स व मेडिकल स्टॉफ की जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जायेगा।  

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन.केशरी जिला रायगढ़ जिले के सभी डॉक्टरों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस हर साल 1 जुलाई को मनाया जाता है। देश के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. विधानचंद्र रॉय को सम्मान देने के लिये मनाया जाता हैै। उनका जन्मदिवस और पुण्यतिथि दोनों इसी तारीख 1 जुलाई को पड़ती है।

केन्द्र सरकार ने इस दिन को मनाने की शुरूआत की थी। डॉक्टर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे मरीजो का इलाज करते है, बल्कि उन्हे एक नया जीवन भी देते है इसलिये उन्हें धरती पर भगवान का दर्जा दिया जाता है, उन्हें जीवनदाता कहा जाता है। डॉक्टरों के समर्पण और ईमानदारी के प्रति सम्मान जाहिर करने के लिये हर साल 1 जुलाई को यह दिवस मनाया जाता है। भारत में इसकी शुरूआत 1991 में तत्कालिक सरकार द्वारा की गई थी तब से हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है।

डॉक्टरों के समर्पण, कार्य के प्रति निष्ठा, ईमानदारी लगन को सम्मान देने और उन्हें सलाम करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। नेशनल डॉक्टर्स डे मनाने का उद्देश्य यह है कि कोई भी व्यक्ति हो हर किसी के जीवन में एक डॉक्टर अहम स्थान रखता है, जहाँ एक तरफ लोगो के लिये डॉक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है और दूसरी तरफ डॉक्टर्स भी अपने मरीजो के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करते है।

आज के समय मे यह वाक्य और प्रासंगिक हो जाता है क्योंकि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस काल में अपनी जिंदगी की परवाह किये बिना लोगो की सेवा कर रहे है। कोरोना के साथ इस लड़ाई में डॉक्टरों ने अपनी जान भी गंवायी है। कोरोना वायरस के बारे में किसी को पहले से कुछ भी अनुमान नहीं था ऐसे समय में सतर्कता ही लोगो को बचाने के लिए उपाय है। ऐसे में उनका सम्मान हमारे लिए गर्व की बात होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से भारत सरकार ने इसे एक जागरूकता अभियान के रूप में शुरू किया है जो वार्षिक उत्सव के रूप में सभी डॉक्टर्स के लिये प्रोत्साहन का दिन भी होता है।

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