भारत छोड़ो आंदोलन की आज उन्यासीवीं वर्षगांठ मना रहा है देश

आंदोलन का पहला भाग शंतिपूर्ण रहा। महात्मा गांधी की रिहाई तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किये गये।

DELHI: भारत छोड़ो आंदोलन की आज उन्यासीवीं वर्षगांठ है। 1942 में आज के ही दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश से अंग्रेज़ों को निकालने के लिए करो या मरो का आह्वान किया था। यह आंदोलन मुंबई में गोवालिया टैंक से शुरू हुआ। प्रत्येक वर्ष यह दिन अगस्त क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

8 अगस्त, 1942 को, महात्मा गांधी ने मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में उपस्थित लोगों से कहा, “हर भारतीय अपने आप को स्वाधीन समझे। इसी दिन उन्होंने करो या मरो का नारा दिया था जिसने भारत छोड़ो आंदोलन की आधार शिला रखी। इसके बाद महात्मा गांधी, अब्दुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल सहित कई राष्ट्रीय नेताओं को गिरफ्तार किया गया।

आंदोलन का पहला भाग शंतिपूर्ण रहा। महात्मा गांधी की रिहाई तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किये गये। इसके बाद, आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया। रेलवे स्टेशनों, तारघरों कार्यालय, सरकारी भवनों और औपनिवेशिक शासन के अन्य प्रतीकों और संस्थानों पर हमले किये गए। भारत छोड़ो आंदोलन 1947 में भारत के एक संप्रभु राष्ट्र बनने से पहले आयोजित अंतिम प्रमुख सविनय अवज्ञा आंदोलन था।

संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी आज ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस उपलक्ष्य में फिल्म प्रभाग ‘स्वाधीनता के लिए भारत का संघर्ष’ श्रृंखला में दो विशिष्ठ वृतचित्र दिखा रहा है। ये वृतचित्र आज फिल्म प्रभाग की वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर दिखाए जाएंगे।

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