देश आत्मविश्वास से भरा, दुनिया में भारत की केवल अपनी साख ही नहीं उसकी धमक भी हो : मोदी

स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की

नई दिल्लीः : भारत के 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तिरंगे की रक्षा करने के लिए स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद उन्होंने अपना भाषण दिया। भाषण में उन्होंने कहा,भारतवासियों की तरफ से मैं आजादी दिलाने के लिए अपनी जान गंवाने वाले सभी पुरुषों और महिलाओं को नमन करता हूं। मैं तिरंगा की रक्षा में शहीद होने वाली सेना और अन्य सशस्त्र बलों के जवानों को सलाम करता हूं। पीएम नरेंद्र मोदी ने भाषण में कई और महत्वपूर्ण बातें कही हैं।

अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ सकारात्मकता और आत्मविश्वास के बीच 72वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है।

उन्होंने कहा, भारत ने अपना नाम दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में दर्ज कराया है। इसने सकारात्मक माहौल बनाया है। हम इस तरह के सकारात्मक माहौल में आजादी का पर्व मना रहे हैं। देश आत्मविश्वास से भरा हुआ है और नियमित रूप से नई ऊंचाइयां छू रहा है।

कश्मीर समस्या

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि कश्मीर की समस्याओं को केवल वहां के लोगों को गले लगाकर ही हल किया जा सकता है गोलियों या दुर्व्यवहार से इसका समाधान नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की शिक्षाओं का अनुसरण कर रही है। मोदी ने कहा, अटलजी ने इंसानियत (मानवता),कश्मीरियत(उदार कश्मीरी संस्कृति) और जम्हूरियत(लोकतंत्र) का आह्रान किया था। मैंने भी कहा है कि कश्मीर के मसले का समाधान कश्मीर के लोगों को गले लगाकर किया जा सकता है।

महिला सुरक्षा

कानून के शासन को सर्वोच्च बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बलात्कार की घटनाएं पीड़ा पहुंचाती हैं और बलात्कारियों के लिए मौत की सजा को प्रचारित किये जाने की जरूरत है ताकि ऐसी राक्षसी प्रवृति वाले लोगों के मन में भय पैदा हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए न्याय और हक को पूरा करने में मैं कोई कमी नहीं रखूंगा और ऐसी राक्षसी प्रवृति पर प्रहार करने और महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये मैं प्रतिबद्ध हूं।

पिछड़े वर्गों का उत्थान

मोदी ने लाल किले से अपने पांचवें भाषण की शुरुआत अपनी सरकार द्वारा दलितों और पिछड़े वर्गो के उत्थान के लिए किए कार्यो के जिक्र से की। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए मानसून सत्र में सरकार ने वंचित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है।

उन्होंने कहा,सत्र सामाजिक न्याय के लिए समर्पित था। यह सत्र पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने के लिए विधेयक की मंजूरी का गवाह बना। दलितों, महिलाओं और समाज के अन्य कमजोर वर्गों को सशक्त किया गया।

तीन तलाक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से निजात दिलाने के लिये प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुये भरोसा दिलाया है कि सरकार इस मामले में तमाम बाधाओं के बावजूद गंभीर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा ‘‘तीन तलाक के कारण मुस्लिम महिलाओं के साथ गंभीर अन्याय होता है। इस कुप्रथा को खत्म करने के लिये हम प्रयासरत हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिये कानूनी उपाय करने के प्रयासों के तहत संसद के इस सत्र में भी प्रयास किये गये।

गगनयान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि साल 2022 तक गगनयान के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में जायेंगे। पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ आज मेरा सौभाग्य है कि इस पावन अवसर पर मुझे देश को एक और खुशखबरी देने का अवसर मिला है।

साल 2022, यानि आजादी के 75वें वर्ष में और संभव हुआ तो उससे पहले ही, भारत ‘गगनयान’ के जरिये अंतरिक्ष में तिरंगा लेकर जा रहा है। आजादी के 75 साल पूरे होने पर, वर्ष 2022 तक भारत का बेटा या बेटी अंतरिक्ष में जाएगी।’’

टैक्स

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले चार साल से अधिक समय में आयकर दाताओं की संख्या करीब दोगुनी होकर पौने सात करोड़ पर पहुंच गई। इसके साथ ही अप्रत्यक्ष कर के दायरे में आने वालों का आंकड़ा एक करोड़ से ऊपर निकल गया।

मॉडिकेयर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर को आयुषमान भारत, जिसे “मॉडिकेयर” नाम से भी जाना जाता है शुरू किया जाएगा।

निम्न मध्यम और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा कवच के दायरे में लाने के लिये प्रधानमंत्री ने जन आरोग्य अभियान शुरु करने की घोषणा की।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत इस अभियान की शुरुआत 25 सितंबर को, पंडित दीन दयाल की जयंती पर की जायेगी। उन्होंने कहा कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लक्ष्य की पूर्ति इस अभियान से हो सकेगी।

पूर्वोत्तर भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से पूर्वोत्तर भारत के लोग दिल्ली के करीब आए हैं। उन्होंने कहा, “चार साल पहले पूर्वोत्तर के लोग महसूस करते थे कि दिल्ली उनसे काफी दूर है। पिछले चार सालों में हम पूर्वोत्तर को दिल्ली के करीब लाएं हैं।” पीएम मोदी ने इस क्षेत्र की खेल, निर्माण व बुनियादी ढांचे और व्यापार में उपलब्धियों पर भी बात की।

कांग्रेस पर इशारों में निशाना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इशारों में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर हम साल 2013 की रफ्तार से चलते तो कई काम पूरा करने में दशकों लग जाते, लेकिन चार साल में बहुत कुछ बदला और देश आज बदलाव महसूस कर रहा है। मोदी ने कहा, ‘चार साल में देश बदलाव महसूस कर रहा है।

आकाश वही है पृथ्वी वही है, लोग, दफ्तर सब कुछ पहले जैसा है लेकिन अब देश बदल रहा है।’ मोदी ने कहा कि उनका मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ है

और इसमें कोई ‘तेरा..मेरा नहीं और कोई भाई भतीजावाद’ नहीं होगा । मोदी ने कहा, ‘हम कड़े फैसले लेने की सामर्थ्य रखते हैं क्योंकि हमारे लिये देश हित सर्वोपरि है, दलहित हमारे लिये मायने नहीं रखता है ।’

सरकार की उपलब्धियां

पीएम मोदी ने अपने 4 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाई। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।

पीएम ने कहा, ‘आज हम कारोबार की सुगमता में अच्छी रैंकिंग पर पहुंचे हैं, हर कोई आज भारत की ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ नीति की तारीफ कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई ऊर्जा और परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ देश नयी ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न संसद का मानसून सत्र पूरी तरह से सामाजिक न्याय को सर्मिपत था, जहां दलित, शोषित, पीड़ित वंचित वर्गों के हितों पर संवेदनशीलता का परिचय दिया गया और ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक पारित हुआ।

भविष्य के सुनहरे सपने भी दिखाए
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि दुनिया में भारत की न केवल अपनी साख हो बल्कि उसकी धमक भी हो ।’ उन्होंने कहा कि गरीबों को न्याय मिले, जन जन को आगे बढ़ने का मौका मिले, मध्यम वर्ग को आगे बढ़ने में कोई समस्या न आये, यह हमारा प्रयास है ।

मोदी ने कहा कि कभी भारत की गिनती कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में होती थी लेकिन आज देश अरबों डालर के निवेश का बेहतर गंतव्य बन गया है।

तीसरा सबसे बड़ा भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 82 मिनट का भाषण दिया जो 15 अगस्त को दिया गया उनका तीसरा सबसे बड़ा संबोधन रहा।

उन्होंने आज ध्वजारोहण के बाद सुबह सात बज कर 33 मिनट से अपना संबोधन आरंभ किया और 8 बज कर 55 मिनट पर उनका भाषण पूरा हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल यानी वर्ष 2017 में स्वतंत्रता दिवस पर अपना सबसे छोटा भाषण दिया था। तब उनका भाषण 54 मिनट का था।

मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से पहली बार देश की जनता को संबोधित किया था। उस समय उन्होंने 65 मिनट का भाषण दिया था।

इसके बाद साल 2015 में उनका संबोधन 86 मिनट तक चला था और 2016 में उनका भाषण डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चला था। 2016 में उन्होंने 94 मिनट का भाषण दिया था।

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