देश के प्रसिद्ध जैन मुनि और राष्ट्र संत तरुण सागर की हालत गंभीर

इंदौर।

देश के प्रसिद्ध जैन मुनि और राष्ट्र संत तरुण सागर जी की हालत गंभीर है। उनके अनुयाइयों के अनुसार महाराजश्री का दिल्ली में उपचार चल रहा है वहीं डॉक्टरों के अनुसार उनकी गंभीर बीमारी के चलते स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। बताया जाता है कि मुनिश्री ने अन्न-जल का त्याग कर दिया है।

महाराज के स्वास्थ्य के संबंध में चल रही विभिन्न अटकलों के बीच उनके गुरु पुष्पदंत सागरजी का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में भी पुष्पदंत सागरजी कह रहे हैं कि तरुण सागर जी की स्;िथति गंभीर है। उन्होंने इस वीडियो में समाधि को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। गुरु ने इस संबंध में समाजजनों को एक पत्र भी लिखा है। तरुणसागर जी अपने कड़वे प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने के भी महती प्रयास किए हैं। कई राज्यों की विधानसभाओं में भी उनके प्रवचन रखे गए।

तरुण सागर जी का दिल्ली में मैक्स हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आसपास के सभी संत सौरभ सागर , अनुमान सागर, शिवानंद , प्रश्मानंद, सौभाग्य सागर आदि मुनिश्री से मिलने के लिए राधे पूरी की ओर विहार कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जैन मुनि तरुण सागर का असली नाम पवन कुमार जैन है। उनका जन्म जन्म 26 जून 1967 को मध्यप्रदेश के दमोह जिले के ग्राम गुहजी में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम शांतिबाई जैन और प्रताप चन्द्र जैन था।

बताया जाता किे मुनिश्री ने 8 मार्च 1981 में घर छोड़ दिया था। इसके बाद उनकी शिक्षा-दीक्षा छत्तीसगढ़ में हुई है। अपने कड़वे प्रवचन के कारण ही उन्हें क्रांतिकारी संत कहा जाता है। मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें 6 फरवरी 2002 को राजकीय अतिथि का दर्जा दिया गया।उनकी ‘कड़वे प्रवचन’ नामक पुस्तक काफी चर्चित रही है।

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