कर्जा माफ और बिजली बिल आप के चक्कर में फंसे किसानों की सूखने लगी खेतों में फसल

- हितेश दीक्षित

छुरा/गरियाबंद: जिला के किसानों को बिजली बिल हाफ की खुशी अब गम में बदलने लगी। फसल सूखने और धरती फटने लगी। गरियाबंद जिले के छुरा विकास खण्ड की जनता काग्रेस की घोषणा पत्र बिजली बिल हाफ करने एवं सरकार द्वारा चार सौ युनिट बिजली बिल तक हाफ करने की घोषणा से किसानों एवं आम आदमी में छत्तीसगढ़ सरकार से के इस अहम निर्णय से खुशी अब सरकार के बिजली विभाग के अघोषित बिजली कटौती से आम जनता और किसानों में आक्रोश ब्याप्त है।

रात और दिन में कब बिजली बंद होगा और कब चालू होगा यह तो बिजली विभाग के अधिकारियों को भी पता नहीं रहता। दिन भर दस बार से भी अधिक बिजली की आपूर्ति ठफ्फ होना समान्य बात है इसी तरह रात में भी समय बे समय कटौती से लोग परेशान हलाकान है मच्छरों के साथ गर्मी भी अपना रौद्र रूप दिखाने लगा है। जब भी बिजली गोल होता है तो लोग यही कहते हैं कि यही तो सरकार ने घोषणा किया है बिजली बिल हाफ लाइट कम सप्लाई होगी तो बिजली बिल में कम आयेगा।

विगत पन्द्रह साल में इस तरह से बिजली की अघोषित बिजली कटौती नहीं हुआ था जिस दिन से प्रदेश में कांग्रेस की जीत हुई है उसी दिन से बिजली बंद होने की सिलसिला जारी है। बिजली सप्लाई नहीं होने के कारण रवि फसल मे लगे खेतों में फसल सूख कर मरने लगा है जतमाई गायडबरी कोसमपानी पीपरछेडी जैसे अनेको गांवों के फसलों पानी के अभाव में सूख गए हैं और सूख रहे हैं बमुश्किल एक दो घंटे ही मोटर पम्प चल पाता है बाकी समय लाईट बंद या लो वोल्टेज रहता है। जेई एके सिंह :–जब तक नये ट्रांसफार्मर नहीं आयेगा तब तक यही हलात रहेगी लोड भी बढ गया है।

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