छत्तीसगढ़

ग्रामीणों के भ्रम हुआ समाधान, केसीसी खाता खोलने में नहीं लगते है पैसे

भावे पहुँचे कृषि अधिकारी और एक ही दिन में बनाये 42 किसान क्रेडिट कार्ड, उपसंचालक कृषि श्विनी बंजारा ने दूर की भ्रांति, बताया समिति के सदस्य बनने केवल दस रुपए और थोड़ी सी औपचारिकता पूरी कर खोल सकते हैं खाता, भावे की आबादी 309, इनमें 70 किसान परिवारों ने हिस्सा लिया, शेष 27 किसानों के खाते खोलने की कार्रवाई की गई आरंभ

राजनांदगांव : कलेक्टर भीम सिंह के निर्देश पर जिले में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने 11 से 22 मई तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत उप संचालक कृषि अश्विनी बंजारा छुईखदान ब्लाक के ग्राम भावे पहुँचे। भावे में जब उन्होंने किसानों से केसीसी के फायदे के बारे में बात की तो किसानों ने कहा कि हम लोगों ने सुना है कि केसीसी का खाता खोलने हजार रुपए लगते हैं। बंजारा ने बताया कि केसीसी शून्य बचत पर खोला जाता है और इसके अनेक लाभ हैं।

सरकार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देती है। सोसायटी से खाद-बीज मिलता है और फसल बीमा भी स्वत: हो जाता है। बंजारे ने बताया कि केसीसी के लिए आवेदक को बी-1, ऋणपुस्तिका की फोटो कॉपी, पेन कार्ड, आधार कार्ड की फोटोकापी एवं समिति के सदस्य बनने 10 रुपए की राशि की आवश्यकता होती है। बंजारे द्वारा इसकी जानकारी मिलने पर भावे के किसानों ने तुरंत इसके लिए आवेदन कर दिया। मौके पर ही कृषि अमले ने 42 किसानों के खाते खुलवाये और 27 किसानों के खाते खुलवाने की कार्रवाई आरंभ कर दी।

उल्लेखनीय है कि ग्राम भावे में 69 वन पट्टाधारी किसान हैं। बंजारा ने उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने किसान समृद्धि योजनाए शाकंभरी योजना, सौर सुजला, फसल प्रदर्शन, चैम्प्स प्रणाली की जानकारी भी दी। साथ ही पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरक वितरण से कृषकों को होने वाली सुविधा की जानकारी भी दी। उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल से 10 मई तक सहकारी समितियों में केसीसी बनाये गए थे। इसकी सफलता के बाद ग्राम पंचायतों में इसे आरंभ करने का निर्णय लिया गया।

क्या हैं केसीसी के लाभ : उप संचालक अश्विनी बंजारा ने बताया कि जिले 40 डिसमिल से अधिक भूमिधारी किसान जिनके पास केसीसी नहीं है। सहकारी समिति के सदस्य बनकर किसान क्रेडिट कार्ड तैयार करा सकते हैं। शून्य प्रतिशत ब्याज के अतिरिक्त इसमें सहकारी समिति द्वारा फसल ऋणमान के आधार पर 60 प्रतिशत राशि सामग्री के रूप में और 40 प्रतिशत राशि नगद राशि के रूप में प्रदान की जाती है।

शिविरों में अब तक 4500 केसीसी बनाये गए : 11 मई से आरंभ शिविर में अब तक 4500 किसानों के केसीसी बनाये जा चुके हैं। इस तरह जिले में एक लाख उन्यासी हजार किसानों के केसीसी बन चुके हैं। बंजारा ने बताया कि कैंप के माध्यम से केसीसी अभियान के चलते हम क्रेडिट कार्ड का कार्य तो कर ही रहे हैं। लगभग 400 ग्राम पंचायतों में हम किसान भाइयों से मिलकर कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दे रहे हैं। इच्छुक किसानों से मौके पर ही आवेदन लिए जा रहे हैं। इस तरह इस शिविर से काफी लाभ हो रहा है।

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