इस डिप्टी कलेक्टर ने छोड़ा था नायब तहसीलदार का पद, अस्पताल में अधिकारियों से प्रभावित होकर ली थी प्रेरणा

मनीष शर्मा

मुंगेली/लोरमी।

सीजी पीएससी वर्ष 2017 के परीक्षा परिणामों में कोरबा के सीएसपी की बहन स्मृति तिवारी ने 9वीं रैंक हासिल किया है.सफलता हासिल कर समृति पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि डिफ्टी कलेक्टर के लिए चयनित होकर मुंगेली जिले के लोरमी का नाम रोशन किया है परिणाम की जानकारी होते ही लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है. स्मृति तिवारी शुरू से ही प्रतिभावान रहीं है।

इससे पहले भी 2016 में पीएससी परीक्षा दिलाने के बाद स्मृति ने प्रदेश में 56वां स्थान प्राप्त किया था औऱ नायब तहसीलदार का पोस्ट मिला, लेकिन उन्होंने इस पद को ज्वाइन नहीं किया.स्मृति के लगातार प्रयास का ही नतीजा है कि आज उसने 2017 में पीएससी में चयनित होते हुए पूरे प्रदेश में उन्होंने 9वां स्थान प्राप्त किया है और उनका चयन अब डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है।स्मृति तिवारी लोरमी के वार्ड नंबर 12 मझगांव की रहने वाली है।

जिन्होंने 10वीं कक्षा की पढ़ाई पेंड्रा के सरस्वती शिशु मंदिर में करते हुए 90% अंक के साथ और 12वीं की पढ़ाई इन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर तिलक नगर में बायोलॉजी में करते हुए 94% अंक के साथ उत्तीर्ण है. जिसके बाद उन्होंने बिलासपुर के सिम्स में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करते हुए स्नातक की डिग्री हासिल की।

बता दें स्मृति तिवारी सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की है स्मृति तिवारी का मानना है कि यदि किसी एक लक्ष्य को लेकर उसके लिए निरंतर लगन से मेहनत किया जाए तो सफलता दूर नहीं है. वहीं इस परीक्षा परिणाम को लेकर स्मृति तिवारी से बात की गई तो उन्होंने इसका श्रेय सबसे पहले माता पिता और अपने बड़े भाई कोरबा सीएसपी के पद पर पदस्थ मयंक तिवारी और छोटे भाई प्रियांक तिवारी सहित टुटेजा कोचिंग क्लास के गुरुजनों को दिया है।

उनका कहना है एमबीबीएस इंटर्नशिप के दौरान सिम्स में कई अधिकारियों का आना होता था जिससे प्रभावित होकर ही संकल्प लेकर मैंने पीएससी की तैयारी प्रारंभ की और टुटेजा कोचिंग क्लास के प्राध्यापकों की अहम भूमिका रही है. इसके लिए स्मृति तिवारी ने बताया कि प्रतिदिन वे 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थीं. जिसका नतीजा सीजी पीएससी में 9वां स्थान प्राप्त कर मिला है।

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